'महेंद्र सिंह धोनी के टीम इंडिया में आने से बदली भारतीय क्रिकेट की दिशा; महान होगी इस खिलाड़ी की विरासत'

महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2004 में भारतीय टीम में कदम रखा था।

Edited By : India.com Staff |Apr 20, 2020, 11:40 AM IST

Published On Apr 20, 2020, 11:40 AM IST

Last UpdatedApr 20, 2020, 11:40 AM IST

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत (Kris Srikkanth) का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के टीम इंडिया में आने से भारतीय क्रिकेट की दिशा बदल गई। धोनी के भारतीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले टीम इंडिया में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों के खिलाड़ी ज्यादा थे लेकिन रांची के इस राजकुमार ने छोटे शहर के खिलाड़ियों में नई उम्मीद जगाई।

धोनी के बारे में बात करते हुए श्रीकांत ने कहा, “जब धोनी जैसा कोई राष्ट्रीय टीम में आता है तो भारतीय क्रिकेट की दिशा बदलने लगती है। रांचीं से एक क्रिकेटर को लाना मास्टरस्ट्रोक था, एक जोनल सेलेक्टर पूर्वी भारत में क्रिकेट को बदल रहा था और उसने धोनी में कुछ खास देखा। उसने (धोनी) अपने पहले दो मैचों में कुछ खास नहीं किया लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ खेली 140 रनों की पारी ने धोनी को आत्मविश्वास दिया।”

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धोनी को भारतीय टीम में लाने में पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) का हाथ था लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज का करियर चयनकर्ता श्रीकांत के कार्यकाल के दौरान नई ऊंचाईयों पर पहुंचा। पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “धोनी के बाद, हमने छोटे शहरों के कई खिलाड़ियों को टीम में आते देखा। उसकी विरासत बहुत बड़ी होगी।”

साल 2004 में जब धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था तो किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि खिलाड़ी आगे चलकर भारत का सबसे सफल कप्तान बनेगा। धोनी ने ना केवल टेस्ट में सर्वाधिक जीत दर्ज करने वाले भारतीय कप्तान होने का सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि दो विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी के साथ तीनों आईसीसी खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले कप्तान बने।

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