भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी लंबे समय से क्रिकेट से दूर हैं. धोनी ने अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच पिछले साल आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था जहां भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से धोनी ब्रेक के तहत टीम इंडिया से बाहर हैं. इस भारतीय टीम ने कई टीमों के साथ सीरीज खेली लेकिन धोनी की गैरमौजूदगी में. पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धोनी का अब टीम में वापसी मुश्किल है क्योंकि उन्हें क्रिकेट खेले हुए 8 महीने हो चुके हैं.

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भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज वेंकटपति राजू को लगता है कि धोनी की वापसी आसान नहीं होगी. माना जा रहा था कि धोनी आईपीएल 2020 में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं लेकिन कोरोनावायरस की वजह से आईपीएल को 15 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है. ऐसे में उनकी वापसी की राह भी लंबी हो गई है.

द हिन्दू से बातचीत में राजू ने कहा, ‘वह (धोनी) पिछले 15 साल से मैच विनर खिलाड़ी रहे हैं. उनकी एक बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है. लेकिन किसी भी खिलाड़ी के लिए इतने लंबे ब्रेक के बाद वापसी आसान नहीं होती. धोनी की वापसी आईपीएल के प्रदर्शन पर निर्भर करती है.’

धोनी जुलाई में 39 साल के हो जाएंगे. उनके पास 538 इंटरनेशनल मैच खेलने का अनुभव है. उन्हें नेशनल टीम में वापसी के लिए खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है.

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भारत की ओर से 1990-2001 में 28 टेस्ट और 53 वनडे खेल चुके राजू ने कहा, ‘कोई भी खिलाड़ी यदि घरेलू या इंडिया ए सीरीज के तहत प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अच्छा खेलता है तो वह दावेदारों में बना रहता है. यहां पर धोनी को किसी और को साबित करने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें खुद को ये दिखाना है कि वह अब भी अपना खेल वैसे ही जारी रख सकते हैं जैसे वह पहले खेलते थे. यहां उम्र की एक बड़ा फैक्टर है. इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता. यहां पर आपको अलग तरह की फिटनेस और कौशल की जरूरत होती है.’

50 वर्षीय राजू उस बीसीसीआई सेलेक्शन कमिटी के हिस्सा थे जब युवा धोनी को 2007 में टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी.