भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images

भारतीय क्रिकेट टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने एशिया कप के फाइनल में खेली गई छोटी लेकिन तूफानी पारी को अपने आलोचकों को जवाब बताने से इनकार कर दिया। मंगलवार को धोनी ने कहा कि वह आलोचकों से विचलित नहीं होते। धोनी ने कहा कि आलोचना हमेशा होती है लेकिन उनका काम है कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसे निभाएं। उन्होंने फाइनल में सात गेंदों में 20 रन की तूफानी पारी खेली थी। धोनी ने संवाददाताओं से कहा, “मैं यहां किसी को जवाब देने के लिए नहीं हूं। भारत अगर बांग्लादेश से एशिया कप के फाइनल में हार जाता तो यह बड़ी खबर होती। ये भी पढ़ें: किसी ‘क्राइम मूवी’ की स्क्रिप्ट की तरह है क्रिकेटर सुरेश रैना के बचपन की कहानी

मेरा मानना है कि ऐसे काफी लोग होते हैं जो बहुत कुछ कहते हैं लेकिन मेरा काम खेलना है और अपनी जिम्मेदारी को निभाना है।” धोनी ने कहा, “आलोचना हमेशा होती है क्योंकि लोगों को लगता है कि वह इस तरह से नहीं उस तरह से किया जाना चाहिए था। मेरा काम अपनी जिम्मेदारी निभाना है।” ये भी पढ़ें: ‘विमन्स डे’ पर विराट कोहली ने ट्विटर के जरिए कहा सॉरी!

धोनी अपने संन्यास के सवालों को लेकर काफी परेशान रहते हैं। टीम जब एशिया कप के लिए रवाना हो रही थी तब भी धोनी से उनके संन्यास को लेकर एक पत्रकार ने सवाल पूछा था जिस पर धोनी भड़क उठे थे और उन्होंने कहा था कि संन्यास को लेकर उनसे आगे कोई सवाल नहीं किया जाए।

आपको बता दें कि एशिया कप के फाइनल मैच में धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ सिर्फ 6 गेंदों में 20 रन बना डाले थे। मैच में धोनी ने 2 छक्के भी लगाए जिसके कारण भारत ने मैच अपने नाम किया।