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हार्दिक पांड्या ने अपने छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में कुछ बेहतरीन पारियां खेली हैं और वह धीरे धीरे दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार होते जा रहे हैं। वह जिस अंदाज में गेंद बाउंड्री लाइन से बाहर पहुंचाते हैं वह गजब है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने टीम इंडिया को कई सारे मैच जितवाने में अहम भूमिका निभाई है। इस लिहाज से उन्हें टीम इंडिया का फिनिशर कहा जाने लगा है। इस बात से सबसे ज्यादा खुश टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली होंगे क्योंकि उनकी टीम में एक समय में दो फिनिशर खेल रहे हैं। धोनी पिछले 10 सालों से टीम इंडिया में फिनिशर की भूमिका निभा रहे हैं और इस दौरान वह खासे सफल रहे हैं।

जैसा कि दोनों ही खिलाड़ी टीम इंडिया के अभिन्न अंग है, यही कारण है कि धोनी और पांड्या की कई बार तुलना हो चुकी है। लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर कारसन घारवी के मुताबिक इन दोनों खिलाड़ियों की तुलना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि एमएस धोनी पांड्या से मीलों आगे हैं। उन्होंने कहा कि धोनी पांड्या से फिनिशर के तौर पर 1,000 गुना बेहतर हैं।

घावरी ने इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स के हवाले से कहा, “पांड्या की धोनी से तुलना न करें। यह सच है कि पांड्या का भविष्य उज्जवल है, लेकिन वह अभी भारतीय क्रिकेट की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं और धोनी इस बात को कई सालों से सिद्ध करते आ रहे हैं। लेकिन जब बात धोनी की फिनिश करने की काबिलियत की होती है तो कोई तुलना नहीं हो सकती। धोनी पांड्या से 1,000 गुना बेहतर फिनिशर हैं। यहां तक कि आज धोनी चार से पांच ओवर में ही मैच का रुख बदल सकते हैं।”

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इस बात को समझने की जरूरत है कि फिनिश करने की कला का मतलब छक्के मारना या टीम इंडिया के लिए मैच जीतना बस नहीं है बल्कि परिस्थिति से टीम को उबारते हुए जीत के लिए ले जाना और उस भूमिका को निभाना है, वही धोनी ने पूर्व में किया है। धोनी टीम इंडिया के महानतम कप्तानों में से एक हैं। उन्होंने कप्तान रहते हुए भारत को पहला वर्ल्ड टी20 2007, वर्ल्ड कप 2011 और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जिताई। इसके अलावा बल्ले से भी उन्होंने धमाल मचाया। इस दौरान उन्होंने 15 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं। ऐसे में पांड्या से धोनी की तुलना करना जिन्होंने अबतक सिर्फ 48 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं अभी सही नहीं है।