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महेंद्र सिंह धोनी जानते हैं उन्हें विराट कोहली को कप्तानी कब सौंपनी हैं: प्रणब रॉय
विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने टेस्ट में अच्छा खेल दिखाया है और नंबर एक बन गई
Published On Oct 14, 2016, 03:07 PM IST
Last UpdatedOct 14, 2016, 03:07 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चयनकर्ता प्रणब रॉय ने कहा कि धोनी को 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ टीम में चुनना मेरा चयनकर्ता रहते हुए अब तक का सबसे अच्छा फैसला रहा है। प्रणब रॉय ने कप्तानी पर बोलते हुए कहा कि महेंद्र सिंह धोनी को ये पता है कि उन्हें विराट कोहली को कप्तानी कब सौंपनी है। जब रॉय ने धोनी को टीम में चुना था तो टीम में इस बात का बहस थी कि विकेटकीपिंग कौन करेगा, तब धोनी ने विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय राहुल द्रविड भारत के पार्ट टाइम विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे थे।
काफी बहस के बाद चयनकर्ताओं ने धोनी को दिनेश कार्तिक, पार्थिव पटेल और दीप दास गुप्ता से ऊपर तरजीह थी और टीम में धोनी को चुन लिया गया। धोनी की फिल्म में इस सीन को फिल्माया भी गया है। प्रणब रॉय ने कहा ‘पार्थिव पटेल, दिनेश कार्तिक औक दीपदास गुप्ता की जगह चयनकर्ताओं ने धोनी को चुना था।’ राहुल द्रविड लंबे समय से विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे थे, इसलिए हम धोनी को लाए। कार्तिक और पार्थिव पटेल भी अच्छे खिलाड़ी हैं तभी वो भारत के लिए खेल रहे हैं। लेकिन धोनी की बात अलग थी। ये भी पढ़ें: क्रिकेट इतिहास के 11 सबसे महंगे ओवर
इसलिए हमने धोनी को मौका दिया और धोनी ने साबित करके दिखा दिया कि हमारा फैसला सही था। मेरा चयनकर्ता रहते हुए धोनी को 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ चुनना सबसे अच्छे फैसलों में से एक है। जब विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने एक और जीत दर्ज कर ली है और टेस्ट में नंबर एक बन गई है तो ऐसे में अफवाहें उड़ रही हैं कि धोनी के प्रदर्सन के आधार पर कोहली को कप्तानी दी जा सकती है। इस पर प्रणब रॉय ने कहा ‘धोनी जानते हैं कि उन्हें कोहली को कप्तानी कब सौंपनी है।’
‘इस समय सीमित ओवरों के खेल में धोनी का कोई विकल्प नहीं है। धोनी सीमित ओवरों में भारत के अच्छे खिलाड़ी और शानदार कप्तान हैं। ऐसे में कप्तान बदलने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।’ प्रणब रॉय ने आगे कहा कि जब धोनी ने 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में टेस्ट से संन्यास लिया था तो उन्हें हैरानी हुई थी, मैंने धोनी को जब से वह अंडर 16 की टीम से खेल रहे थे तब से उन्हें देखा है। लेकिन हमें धोनी के फैसले का स्वागत करना चाहिए