महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images
महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images

ब्रिसबेन वनडे मैच में मिली टीम इंडिया के हार से परेशान भारतीय वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी गेंदबाजों के प्रदर्शन को लेकर अपनी नाराजगी छुपा नहीं पाए। धोनी ने कहा कि अगर इस तरह से गेंदबाजी करते रहे तो 300 रनों का लक्ष्य भी पर्याप्त नहीं होगा। दूसरे वनडे में सात विकेट से मिली हार के बाद उन्होंने कहा , ‘लगता है कि हमें बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए और रन बनाने होंगे। लगातार दो मैचों में 300 रन बनाना अच्छी बात है लेकिन अगर हम गेंदबाजों के प्रदर्शन को देखें तो हमें 330 से अधिक रन बनाने होंगे।’ गौरतलब हैं कि भारत के आठ विकेट पर 308 रन के जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट खोकर एक ओवर शेष रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। ये भी पढ़ें: रोहित ने अपने नाम किया ये बेहतरीन रिकॉर्ड

आपको बता दें मैच में भारतीय गेंदबाजों ने 12 वाइड गेंदें फेंकी थी। धोनी ने कहा, गेंद पुरानी होने के बाद भी वाइड गेंदें डाली जा रही थीं। जब हमें दबाव बनाना चाहिये था, तब हमने वाइड गेंदें डालीं।  स्पिनरों ने फिर भी बेहतर प्रदर्शन किया।’ यह पूछने पर कि लगातार दो हार के बाद टीम का मनोबल कैसे बढ़ाएंगे, धोनी ने कहा, ‘मनोबल ऊंचा है। हमें कुछ शॉट और खेलने होंगे। यदि कई विकेट गंवाए तो हमारा नुकसान होगा। ये भी पढ़ें: तीसरे एकदिवसीय के लिए भारत की संभावित अंतिम एकादश

हमें बिना दबाव के खेलना होगा, लेकिन गेंदबाजी प्रदर्शन को देखते हुए 330 या अधिक का स्कोर खड़ा करना जरूरी है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने अपने गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा,’ गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। भारत को 308 रन पर रोकना अच्छा रहा जबकि वे 350 की तरफ बढ़ते दिख रहे थे। हमने अच्छी शुरुआत की। मार्श और फिंच दबाव में आए बिना खेले और आखिर में हमें खुलकर खेलने का मौका मिला।’

रोहित शर्मा मैच के परिणाम से दुखी थे। मैन ऑफ द मैच रहे रोहित शर्मा ने कहा, ‘हारना हमेशा निराशाजनक होता है। आखिर में आपका स्कोर नहीं, बल्कि नतीजा मायने रखता है।’ ऑस्ट्रेलिया में हालात के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘मुझे यहां खेलना पसंद है। विकेट अच्छे हैं और शॉट खेलने में मजा आता है। मैं अपने फॉर्म से खुश हूं लेकिन जीत ना मिल पाने के कारण दुखी हूं।’