टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी© Getty Images
टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी© Getty Images

भारतीय टीम के लिए नया साल का पहला सीरीज ठीक नहीं रहा। ऑस्ट्रलियाई दौरे पर गई टीम इंडिया 5 वनडे मैचों के सीरीज में 3 मैच हार चुकी हैं और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज को अपने कब्जे में कर लिया हैं। आपको बता दें मेलबर्न में खेले गए तीसरे मैच में विराट कोहली ने शतक लगाया था लेकिन भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों के खराब प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। अब बाकि बचे दो वनडे मैच में कप्तान धोनी की कड़ी परीक्षा होगी। आपको बता दें धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने एक भी सीरीज नहीं जीती थी। इसके अलावा धोनी की बल्लेबाजी पर सवाल उठ रहा है धोनी अपने पुराने अंदाज में बैटिंग करते नहीं आ रहे है। ये भी पढ़ें: पहले जैसी टीम नहीं रही साउथ अफ्रीकाः डीविलियर्स

धोनी एक बेहतरीन मैच फिनिशर माने जाते हैं जिन्होंने कई बार टीम इंडिया को जीत दिलाई है। पिछले एक साल में धोनी अपने बल्ले से कोई बड़ा कमाल नही दिखा पाए हैं। धोनी के बल्लेबाजी का औसत निरंतर गिरता जा रहा हैं। धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 वनडे मैच में केवल 52 रन बनाए हैं। ये भी पढ़ें: रणजी ट्राफी में शामिल छत्तीसगढ़ राज्य की टीम

धोनी से जब उनके प्रदर्शन के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने बड़े ही अटपटे अंदाज में कहा कि मैं खुद अपने प्रदर्शन का आंकलन नहीं कर सकता क्योंकि वह हितों के टकराव का मामला बन जाएगा, इसके लिए आपको जनहित याचिका दाखिल करनी होगी शायद।

अब देखना ये होगा कि भारतीय कप्तान धोनी की किस्मत बाकि बचे दो मैचों में चलेगा? क्या धोनी अपने बल्ले से कुछ कमल दिखा पाएंगे?