अपने 16 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को अपने शांत स्वभाव के लिए जाना जाता रहा है। धोनी ने अपने कूल वाले अंदाज में ही इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए 15 अगस्त को सभी फॉर्मेट्स से संन्यास का ऐलान किया। लेकिन धोनी के करियर कई ऐसे मौके भी आए, जब कैप्टन कूल ने मैदान पर अपना आपा खो दिया।

अंपायर के फैसले से नाखुश धोनी

ऐसे ही एक घटना पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन के दौरान हुई थी। चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रायल्स के बीच मुकाबले में अंपायर उल्हास गांधी ने बेन स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को पहले  ‘नो बॉल’ करार कर दिया और फिर अचानक अपने फैसले से पीछे हट गए। इससे धोनी को गुस्सा आ गया और वो डगआउट से उठकर मैदान में आ गए। जिसके कारण उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था।

इस घटना को याद करते हुए अंपायर गांधी ने ज्यादा कुछ नहीं कहा, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि नियत प्रक्रिया का पालन किया गया था। इसमें अंपायर और धोनी दोनों गलत थे।’’

एक और घटना 2012 में हुई थी जब ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज के दौरान अंपायर बिली बाउडेन पर ऊंगली उठाई थी। तीसरे अंपायर ने माइक हसी को स्टंप आउट का फैसला किया लेकिन रिप्ले में दिख रहा था कि उनका एक पैर क्रीज के अंदर था।

टीवी अंपायर की गलती महसूस करते हुए बाउडेन ने हसी को वापस बुला लिया जब वो ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़ रहे थे।धोनी को ये अच्छा नहीं लगा जिन्होंने न्यूजीलैंड के अंपायर की ओर ऊंगली से इशारा करते हुए अपनी नाराजगी दिखाई।

साथी खिलाड़ियों को लगाई फटकार

इसके अलावा मैच के दौरान धोनी अक्सर स्टंप माइक पर साथी गेंदबाजों को डांट लगाते पाए गए हैं। इंग्लैंड के 2009 दौरे के दौरान खिलाड़ियों की परेड को नहीं भुलाया जा सकता जब धोनी उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग के साथ उनके मतभेदों की खबरों से काफी नाराज थे और उन्होंने टीम की एकता को लेकर एक बयान भी पढ़ा था।

विकेटकीपिंग के अलावा बल्लेबाजी करते हुए भी धोनी कई बार साथी बल्लेबाज पर गुस्सा करते दिखे हैं। दक्षिण अफ्रीका में 2018 में एक टी20 मैच के दौरान उन्होंने बल्लेबाज मनीष पांडे को फटकारा था कि वो उनकी कॉल पर ध्यान नहीं दे रहे थे।

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी न्यूजीलैंड के 2014 दौरे के दौरान बख्शा नहीं गया जिन्होंने धोनी की सलाह नहीं मानते हुए बाउंसर लगाया जो कप्तान के सिर से निकलता हुआ बाउंड्री के लिए चला गया। शमी ने हाल में इंस्टाग्राम चैट में लिखा, ‘‘माही भाई ने मुझे थोड़ा कड़ी भाषा में बोला, ‘देख बेटा, बहुत लोग आए मेरे सामने। बहुत लोग खेल के चले गए झूठ मत बोल’।’’

मुस्ताफिजुर को सिखाया सबक

2015 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे के दौरान धोनी पर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को धक्का देने के लिए मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। मुस्तफिजुर पर भी उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगा क्योंकि वो धोनी के रास्ते में आए थे। बता दें कि बांग्लादेशी तेज गेंदबाज ने उस मैच में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा समेत कई भारतीय खिलाड़ियों को रन लेते समय धक्का दिया था।

हमेशा इकॉनामी क्लास में यात्रा करते थे धोनी

हाल में आईसीसी एलीट अंपायरों के पैनल में पहुंचे नितिन मेनन ने धोनी के साथ अपनी बातचीत के बारे में कहा, ‘‘मैंने 2017 में कानपुर में भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 से अपना अंपायरिंग डेब्यू किया था। भारत मैच हार गया लेकिन धोनी ने मुझे बधाई दी क्योंकि ये मेरा पहला मैच था। उन्होंने मुझसे कहा कि आपने अच्छा किया। उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं थी लेकिन उन्होंने ऐसा किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सीरीज के दौरान यात्रा में मैंने उन्हें कभी भी बिजनेस क्लास में सफर करते हुए नहीं देखा, जबकि उनके पास विकल्प होता था। वो हम सभी की तरह इकोनोमी क्लास में होते थे। उनके लिए ये मायने नहीं रखता। मैच और मैच के बाद वो मैदान पर बातचीत में घरेलू खिलाड़ियों के बारे में भी अकसर पूछते। कौन अच्छा कर रहा है, इसी तरह की बातें।’’