वनडे में अश्विन और जडेजा की गैरमौजूदगी पर भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का बयान।  © Getty Images
वनडे में अश्विन और जडेजा की गैरमौजूदगी पर भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का बयान। © Getty Images

भारत न्यूजीलैंड वनडे मैच से पहले पत्रकारों से एमएस धोनी ने अश्विन और जडेजा को वनडे टीम से बाहर किए जाने के बारें में बात करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को आराम देना जरूरी है। टीम को और आगे और भी कई लंबी सीरीज खेलनी है जिसका हमें ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा “अगर आप टीम तो देखें तो आगे अभी कई टेस्ट और वनडे सीरीज हैं जिन्हें ध्यान में रखा जाना चाहिए। खिलाड़ियों को काफी कम समय मिलता है आराम के लिए। मेरा मानना है कि खिलाड़िेयों को आराम देने का निर्णय एकदम सही है। हमें आगे के बारें में सोचकर चलना पड़ता है। इससे हमें नए खिलाड़ियों को परखने का समय मिलता है। हमें चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले हमें आठ मैच खेलने हैं इस बीच हम नए खिलाड़ियों को परख सकते हैं।”

कल होने वाले पहले वनडे मैच के लिए भारत और न्यूजीलैंड दोनों टीमें तैयार हैं। सुरेश रैना के पहले वनडे से बाहर होने के बाद धोनी के पास ये मौका होगा कि वह मध्य क्रम में बल्लेबाजी कर सकें। हालांकि कोहली और रहाणे के टीम में रहने के चलते धोनी नंबर तीन या चार पर तो नहीं खेल सकते लेकिन खुद को पांचवें नंबर पर रख सकतें हैं। इस बारें में उन्होंने कहा “मैं शायद ऊपर आकर बल्लेबाजी करूं। इस टीम ने मुझे ये मौका दिया हैं कि मैं उस जगह खेल सकूं जहां मैं खेलना चाहता हूं। फिर भी ये निचला क्रम ही रहेगा, मैं चार नंबर पर बल्लेबाजी नहीं कर सकूंगा लेकिन अक्सर मैं जिस जगह बल्लेबाजी करता हूं अब उससे ऊपर खेलूंगा।

पिछले कई दिनों से कोहली को वनडे की कप्तानी देने की बात चल रही है। कोहली के टेस्ट सीरीज जीतने के बाद ये चर्चा और बढ़ गई है। इस पर कैप्टन कूल ने कहा “हम ज्यादा से ज्यादा बातचीत करता हूं। आप ये देख सकते हैं अगर आप क्रिकेट देखतें हैं तो। दो अलग लोग अलग तरह से कप्तानी करते हैं। इसे व्यवहार में लाना जरूरी होता है। आप कई बार सिद्धांतों पर बहस कर सकतें हैं लेकिन खेल के दौरान आप व्यवहारिकता पर सवाल नहीं उठा सकते। हम आपस में काफी बात करते हैं कि क्या करना चाहिए और क्या किया जा सकता है। वह कोई उदाहरण देता है और मुझे वह सही नहीं लगता तो मैं अपनी बात रखता हूं। हमने कई सालों पहले अलग फॉर्मेट्स में अलग कप्तान रखने पर बात की थी। तब हमने कहा था कि क्यों नहीं और अब हम पूछ रहें है कि आखिर क्यों। मेरा मानना है कि हम विदेशी टीमों को देखकर लोग कहते है कि हमें भी उनकी तरह करना चाहिए। पर हम अलग है, हम जिस तरह का और जितना क्रिकेट खेलतें हैं वह भी उनसे अलग है।”