एमएस धोनी और वीरेंद्र सहवाग  © AFP
एमएस धोनी और वीरेंद्र सहवाग © AFP

टीम इंडिया मैनेजमेंट, चयन समिति, कोच और कप्तान भले ही टीम में नए खिलाड़ियों को जगह देने के लिए आतुर दिखाई दे रहे हों, लेकिन वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि एमएस धोनी को उनकी टीम में जगह को लेकर आश्वस्त कर देना चाहिए ताकि वह फ्री होकर खेल पाएं। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में सहवाग ने मौजूदा परिस्थिति के बारे में बातचीत की जहां युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी टीम से बाहर बैठे हुए हैं, वहीं युवा खिलाड़ियों को 2019 वर्ल्ड कप के लिए तरजीह दी जा रही है।

सहवाग ने कहा, “अगर टीम इंडिया का शीर्ष क्रम असफल होता है तो युवराज और सुरेश रैना धोनी के साथ बैटिंग करते हुए उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं, युवाओं को अनुभव हासिल करने में अभी बहुत समय लगेगा।” वहीं वीरेंद्र सहवाग ने युवा खिलाड़ियों को कैसे मांजा जाए इसके लिए भी एक सलाह दी। सहवाग ने कहा, “इंडिया ए के दौरे अब बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं। चयनकर्ताओं और इंडिया टीम को खिलाड़ियों के विदेशी दौरे में प्रदर्शन की जानकारी मिलती रहती है। फिर वे उन्हें विदेशी दौरों पर ले जा सकते हैं।” [ये भी पढ़ें: जहीर खान के पास मदद के लिए पहुंचे लसिथ मलिंगा]

पिछले दिनों मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा था कि अगर धोनी असफल होते हैं तो उनकी जगह वह नए विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश कर सकते हैं। सहवाग ने इस संबंध में प्रसाद पर करारा प्रहार किया और कहा कि धोनी को वर्ल्ड कप 2018 की टीम में जगह का आश्वासन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद दूसरे विकल्प आजमाए जा सकते हैं। इससे साफ पता चलता है कि सहवाग मौजूदा समय में विराट कोहली के द्वारा प्लेइंग इलेवन में बदलाव से कुछ ज्यादा खुश नहीं है। वह चाहते हैं कि कोहली अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन के साथ ही खेलें।