MS Dhoni supported me a lot, says Ishant Sharma
महेंद्र सिंह धोनी, इशांत शर्मा (Getty Images)

 

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा का कहना है कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ी के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके पूरे करियर के दौरान काफी मदद की है। कभी महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलने वाले इशांत अब विराट कोहली की कप्तानी वाली टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। इशांत इस साल आईपीएल के 12वें सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलेंगे।

इशांत ने आईएएनएस से कहा, “माही (धोनी) भाई ने कई बार मुश्किल समय में मेरी मदद की है। अब टीम में सीनियर होने के नाते विराट मेरे पास आते हैं और कहते हैं, ‘मुझे पता है कि आप थके हुए हैं, लेकिन एक सीनियर होने के नाते आप को टीम के लिए ऐसा (गेंदबाजी) करना होगा।”

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तेज गेंदबाज ने कहा, “पहले मैं सिर्फ अच्छी गेंदबाजी करना चाहता था लेकिन अब मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और विकेट लेना चाहता हूं। आप विकेट लेकर ही लोगों की सोच को बदल सकते हैं, इसलिए अब मेरे लिए विकेट लेना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।”

2013 के चैम्पियंस ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इशांत अब लोगों की नजर में एक अच्छे टेस्ट गेंदबाज बन गए हैं। उनका मानना है कि इन दिनों खिलाड़ियों के प्रति लोगों की धारणा महत्वपूर्ण हो गई है। ईशांत ने कहा, “हां, मौजूदा समय में धारणा एक बड़ी चीज हो गई है, जिससे खिलाड़ियों को निपटना पड़ रहा है। मुझे नहीं पता कि ये कहां से आता है। मैं इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं और अपने खेल पर ही ध्यान केंद्रित करता हूं।”

टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी वनडे खेल सकता है

उन्होंने आगे कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैं इसे एक अवसर के रूप में लेता हूं और अगर मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो मैं विश्व कप टीम में दावा करने की स्थिति में रहूंगा। मेरा मानना है जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में अच्छा कर सकता है वो सफेंद गेंद से भी बेहतर कर सकता है, बस उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखना होगा।”

एससीसी के एक मानक गेंद इस्तेमाल के सुझाव से सहमत हैं इशांत

मेरिलबोन क्रिकेट समिति (एमसीसी) ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए मानक गेंद का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है और ईशांत ने एमसीसी के इस सुझाव का स्वागत किया है। इस सम्बंध में ईशांत कहा, “मुझे लगता है कि ये अच्छी बात है क्योंकि ड्यूक गेंद गेंदबाजों के लिए उपयुक्त हैं। कूकाबुरा में गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है और मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में गिरावट आने का यही एक कारण है।”

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भारत के लिए अब तक 90 टेस्ट मैचों में 267 विकेट हासिल कर चुके तेज गेंदबाज ने कहा, “अगर बल्लेबाजों का ही हर समय दबदबा रहेगा तो इससे कोई फायदा नहीं है। मुझे लगता है कि ड्यूक बॉल के साथ समस्या ये है कि निर्माता कूकाबुरा के रूप में उतनी गेंदें नहीं बना सकते, क्योंकि ये हाथों से बनाई जाती है। आप कूकाबुरा गेंद के साथ ज्यादा विकेट नहीं ले सकते लेकिन आप ड्यूक के साथ ले सकते हैं।”

दिल्ली कैपिटल्स के साथ घर वापसी

इशांत ने नई फ्रेंचाइजी से जुड़ने पर कहा, “नई टीम के साथ जुड़ने से उत्साहित हूं और इसके लिए कुछ नया और अच्छा करना चाहता हूं। दिल्ली की बल्लेबाजी पिछले साल भी काफी अच्छी रही थी और गेंदबाजी में क्रिस मॉरिस, कगिसो रबादा, ओशाने रदरफोर्ड जैसे के विदेशी गेंदबाजों के होने टीम और भी संतुलित हुई है।

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बतौर कोच रिकी पोंटिंग और बतौर सलाहकार सौरव गांगुली के टीम से जुड़ने पर शांत ने कहा, “ये दोनों दिग्गज अपनी-अपनी टीमों के लिए विश्व कप खेल चुके हैं। इनके पास काफी अनुभव है और दिल्ली में युवा खिलाड़ी हैं इसलिए ये इन दिग्गजों के अनुभव का फायदा उठाना चाहेंगे।”