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केनबरा में भारतीय टीम की हार की जिम्मेदारी धोनी ने ली

धोनी ने कहा कि वह मेरा विकेट था जो मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

user-circle cricketcountry.com Written by Cricket Country Staff
Last Updated on - January 21, 2016 11:46 AM IST

एमएस धोनी © AFP
एमएस धोनी © AFP

केनबरा में भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया के हाथों 25 रनों की हार से उदास भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय टीम की हार का जिम्मा अपने पर लिया है। साथ ही धोनी ने इस मैच में अंतिम 46 रनों पर 9 विकेट गिर जाने के बाद कुछ सकारात्मक पर भी बल दिया। धोनी ने कहा, “वह मेरा विकेट था जो मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। क्योंकि यह टीम में मेरी भूमिका है कि उस परिस्थिति से मैच को अंत तक ले जाता और फिनिश करता। हमने कुछ विकेट वहां खोए, लेकिन टीम में भूमिका और जिम्मेदारी को देखते हुए मेरा विकेट ज्यादा जरूरी था।” सबसे ज्यादा आश्चर्य वाली बात यह रही कि धोनी ने इस सबके बावजूद सकारात्मक बातों पर बल दिया। भारत-बनाम ऑस्ट्रेलिया, चौथा वनडे स्कोरकार्ड देखने के लिए क्लिक करें।

उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से निराश हैं, लेकिन आपको इन बातों को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। अगर हमने अच्छी बल्लेबाजी की होती तो यह मैच 46 से 47 ओवरों में खत्म हो जाता। आप इसे इस तरह देखते हैं। लेकिन मुझे लगता है इस मैच में कई सकारात्मक बातें भी थीं, विशेष रूप से बैटिंग डिपार्टमेंट में। रोहित ने गजब की शुरुआत दी और अगली कोहली और धवन की साझेदारी लाजवाब रही। यह निर्भर करता है आप इसे कैसे लेते हैं। पहले तीन मैचों में हार के बाद लोग कह रहे थे वापसी करना कठिन है, लेकिन इस मैच में हमने अच्छी वापसी की। इस मैच ने उसकी झलक दी जो आप टी20 में देखते हैं।”

धोनी ने स्वीकार किया कि रहाणे की चोट भी हार का कारण रही, धोनी ने कहा, “हां, रहाणे की चोट भी हार का कारण रही। उसके हाथ में कुछ टांके लगे थे और उसने दर्द को कम करने के लिए कुछ दवाईयां भी ली थी। इसीलिए हमें इंतजार करना था जब तक उसका हाथ कुछ हद तक ठीक ना हो जाता और उसे बल्लेबाजी करने के लिए नीचे भेजना था। तभी वह बल्लेबाजी कर सकता था।”

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युवा खिलाड़ियों रिषी धवन और गुरकीरत मान खराब शॉट खेलकर आउट हुए, लेकिन धोनी ने उनका भी बचाव किया, धोनी ने कहा, “यह दबाव है जो आपके साथ कुछ भी कर गुजरता है। उनमें से कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ज्यादा नहीं खेली है समय के साथ उन्हें एहसास होगा कि आपको पहले साझेदारी निभानी होगी और एक बार जब आप विकेट की तेजी और उछाल के आदी हो जाते हैं तब आप बड़े स्ट्रोक खेल सकते हैं। ये उन्होंने अपनी करियर की शुरुआत में कुछ मैच ही खेले हैं, वे किसी तरह के दबाव में थे आशा करता हूं कि वे सीख रहे हों।”