महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images
महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images

भारतीय वनडे व टी20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंपायरों के हेडफोन के इस्तेमाल को लेकर बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि ये उपकरण अंपायर को खचाखच भरे स्टेडियम में बल्ले को छूकर निकलने वाली आवाज को सुनने से रोकते हैं। एशिया कप में कल खेले गए भारत और पाकिस्तान के मैच में बांग्लादेशी अंपायर एसआईएस सैकत ने दो बार गलत निर्णय दिया और ये गलत निर्णय दोनों बार भारत के लिए थे। पहली बार अंपायर सैकत को आशीष नेहरा की गेंद पर पाकिस्तानी बल्लेबाज खुर्रम के बल्ले से गेंद छूकर निकालने का पता ही नहीं चला। ये भी पढ़ें: तो ये रहे टीम इंडिया के जीत के पांच सबसे बड़े कारण

वहीं दूसरी बार उन्होंने विराट कोहली को गलत एलबीडब्लू आउट दिया जिसमें गेंद बल्ले से लग कर पैड पर लगी थी जो कि साफ साफ रिप्ले में दिख रहा था। लेकिन अंपायर को नहीं सुनाई दी। कोहली ने तुरंत अंपायर को इसकी जानकारी भी दी लेकिन इसके बावजूद उन्हें आउट दे दिया गया। कोहली उस समय 49 रन बना कर खेल रहे थे। गलत अंपायरिंग के वजह से कोहली अपने अर्द्धशतक से चूक गए। ये भी पढ़ें: छठी बार किसी टी20 मैच में नहीं लगा कोई छक्का

धोनी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आप टी20 विश्व कप से पहले मुझ पर बैन तो नहीं चाहते। आप सभी ने अंपायरिंग देखी और अब आप खुद फैसला करें। धोनी अंपायर द्वारा मैदान पर हेडफोन और कुछ गैजेट्स  लगाकर अंपायरिंग करने से  नाराज थे उन्होंने कहा कि अंपायरिंग करते समय अंपायर वॉकी-टॉकी का उपयोग करने के साथ ही साथ एक कान में हेडफोन भी लगाते हैं।

जिसका मतलब है कि अंपायर सिर्फ अपने एक ही कान का इस्तेमाल करते हैं। ये बहुत मुश्किल काम है। जब गेंदबाजी हो रही हो तो हेडफोन का कोई मतलब नहीं बनता है। अंपायर को दोनों कानों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वो सही फैसले ले सके।