एमएस धोनी  © Getty
एमएस धोनी © Getty

एमएस धोनी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं का दौर चल पड़ा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें संन्यास लेते हुए युवाओं को मौका देना चाहिए तो कुछ कह रहे हैं कि धोनी को 2019 वर्ल्ड कप तक जरूर खेलना चाहिए। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धोनी की धीमी बल्लेबाजी को लेकर खासी आलोचना हुई थी जिसके बाद उनके करियर को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। पूर्व भारतीय क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण और आकाश चोपड़ा ने ये तक कह दिया था कि धोनी अब पुराने धोनी नहीं रहे।

इसी बीच पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का कहना है कि यह निर्णय खुद धोनी पर छोड़ देना चाहिए और कहा कि धोनी को 2019 वर्ल्ड कप तक जरूर खेलना चाहिए। धोनी खुद कह चुके हैं कि वह 2019 वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं। अजहरुद्दीन ने खलीज टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे नहीं पता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। मुझे लगता है कि यह निर्णय उनपर ही छोड़ देना चाहिए, लेकिन जहां तक मैं समझ सकता हूं वह 2019 वर्ल्ड कप तक खेलेंगे।”

अजहरुद्दीन जो 99 टेस्ट और 334 वनडे खेल चुके हैं, वह हाल ही में यूएई-इंडिया इकॉनमिक फॉरम के सदस्य के रूप में शामिल हुए। जहां उन्होंने ‘टू नेशन्स: वन पैशन- हाऊ क्रिकेट ब्रिंग्स टुगेदर बोथ नेशन्स’ विषय पर अपनी बात रखी। इस दौरान अजहरुद्दीन ने दोनों देशों के बीच क्रिकेट बहाली को लेकर भी बात की और कहा ये दोनों देशों की सरकारों पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, “यह दोनों देशों की सरकारों पर निर्भर करता है। ये खिलाड़ी नहीं है जो निर्धारित करते हैं। दो सरकारें इस पर निर्णय लेती हैं। किसी के विचार मायने नहीं रखते। हम कह सकते हैं कि ये हमारी राय है लेकिन उस राय के बारे में विचार नहीं किया जाएगा क्योंकि ये बातें कूटनीतिज्ञ स्तर पर हो रही हैं। स्पोर्ट्स एक मुद्दा है लेकिन इसके अलवा अन्य कई मुद्दे हैं, सिक्युरिटी और न जानें कितने अलग मुद्दे। इसलिए हर चीज को एक साथ रखा जाता है, यह बहुत आसान नहीं है।”

अजहरुद्दीन उन क्रिकेटरों में से एक हैं जो कलाईयों के सहारे गेंद को सीमा रेखा पार पहुंचाने की महारत रखते हैं। वैसे उन्होंने कहा कि वह मौजूदा टीम इंडिया में अपनी छाप अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली में देखते हैं। उन्होंने कहा, “ये चीजें स्वभाविक रूप से आती हैं। आप ये नहीं कह सकते है कि कलाइयों का इस्तेमाल सीखने के लिए आपको प्रैक्टिस करनी होगी। कभी- कभी चीजें आपको स्वभाविक रूप से आती होती हैं और आप उन्हें बेहतर करते जाते हो। यह बहुत जरूरी है। मैं लकी हूं कि मेरे पास वो टैलेंट है। जब मैंने अपना पहला शतक लगाया था तभी मुझे पहली बार पता चला था कि मैं कलाइयों का अच्छा इस्तेमाल करता हूं। इसके पहले मैं इसके बारे में कुछ नहीं जानता था। अब ज्यादातर खिलाड़ी कलाइयों का इस्तेमाल करने लगे हैं। रहाणे और कोहली ने अपनी कलाइयों का अच्छा इस्तेमाल किया है। गेम बदल रहा है और इसमें कलाइयों का बड़ा योगदान है।”

ACC U-19 Asia Cup 2017: India beat Malaysia by 202 runs, Himanshu Rana slams century
ACC U-19 Asia Cup 2017: India beat Malaysia by 202 runs, Himanshu Rana slams century

अजहरुद्दीन दुनिया के उन चंद क्रिकेटरों में से एक हैं जिन्होंने अपने अंतिम टेस्ट में शतक लगाया। हालांकि, वह टीम इंडिया के लिए 99 टेस्ट ही खेले। वैसे उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि उनका करियर कैसे खत्म हुआ। अजहरुद्दीन ने बताया, “मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है। मैं खुश हूं कि मैंने 99 टेस्ट मैच खेले और मैं बहुत खुश था कि मैंने अपने पहले और आखिरी मैच में शतक लगाए। इसलिए मुझे कोई अफसोस नहीं है। इसी तरह से मेरे करियर का अंत होना चाहिए था। यह किस्मत है। आपको आगे बढ़ना होता है और स्वीकार करना होता है।”