महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला उनके बेहद करीबी दोस्तों के लिए भी काफी भावुक रहा जो उनके संघर्ष के दिनों के साक्षी रहे। चार साल की उम्र से धोनी के दोस्त रहे सीमांत लोहानी (चिट्टू) का कहना है कि माही जैसा ‘कोहिनूर’ अब क्रिकेट जगत को नहीं मिलने वाला।

लोहानी ने रांची से भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘क्या कहूं मैं माही के बारे में। उसने हमें इतना हंसने का मौका दिया। इतनी आईसीसी ट्रॉफी दिलाई जों किसी कप्तान ने नहीं दिलाई। हम उस पर जितना गर्व करें, कम है। वो भारतीय क्रिकेट का कोहिनूर है। आने वाले समय में कई महान खिलाड़ी आएंगे लेकिन महेंद्र सिंह धोनी जैसा कोई नहीं होगा।’’

ये पूछने पर कि कामयाबी के शिखर पर पहुंचने के बाद क्या वो अपने पुराने दोस्तों के लिए वही माही रहा है, लोहानी ने कहा, ‘‘आदमी सेलिब्रिटी बन जाए तो दोस्तों को थोड़ी भूल जाता है। अगर आप उससे मिले हैं तो ऐसा सवाल जेहन में आना ही नहीं चाहिये। ’’

धोनी पर बनी फिल्म ‘एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’ में उनके करीबी दोस्त लोहानी, परमजीत सिंह और छोटू भैया के अहम किरदार रहे हैं। पिछले साल नवंबर में धोनी के फार्महाउस पर लोहानी के जन्मदिन की तस्वीरें सामने आई थी।उन्होंने कहा, ‘‘मैं नर्सरी से साढे़ तीन साल की उम्र से उसका दोस्त हूं। करियर में वो व्यस्त हो गया। उसने कई उतार चढ़ाव देखे लेकिन अंदर से अभी भी वो रांची का वही लड़का है। उसके बर्ताव में कोई बदलाव नहीं आया है।’’

धोनी के साथ बिताए यादगार पलों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘जब से क्रिकट खेलने लगा तो इतना कुछ किया है हम लोगों के लिए कि एक सर्वश्रेष्ठ पल याद करना मुश्किल है। यारों का यार है माही। लोग पूछते हैं कि क्या आप उनसे मिलते हैं, तो हमारा जवाब होता है कि आप फोटो छापते हैं तो देखते नहीं है क्या। वैसे भी ये सब इतना निजी है कि हम हर किसी से साझा क्यो करें।’’

सार्वजनिक जीवन में बेहद प्राइवेट रहने वाले धोनी दोस्तों के बीच कैसे हैं, ये पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘वो दोस्तों के बीच चुप नहीं रहता। बातें साझा करता है। मस्ती भी करता है जैसे सभी करते हैं। लेकिन हम आपस में क्रिकेट की बात नहीं करते। क्रिकेट खेलना उसका काम है लेकिन हमारी बातचीत के कई मसले होते हैं।’’

क्या भविष्य में धोनी को भारतीय क्रिकेट में किसी भूमिका में देखते हैं, ये पूछने पर लोहानी ने कहा, ‘‘हम उसके बहुत अच्छे दोस्त हैं लेकिन क्रिकेट उसका प्यार है। भविष्य में वो क्या करता है और क्या फैसला लेता है, ये वही तय करेगा। हम उसके क्रिकेट पर टिप्पणी नहीं कर सकते।’’

16 साल के धोनी के करियर में कभी मीडिया से बात नहीं करने वाले लोहानी ने कहा, ‘‘मैने 2004 में उसके भारतीय टीम में चयन के बाद सारे मीडिया वालों का फोन उठाया और फिर कल उठाया। इस बीच 16 साल में कभी मीडिया से बात नहीं की। कोई वजह भी नहीं थी।”