'IPL से नहीं चुनते खिलाड़ी, अपनी काबिलियत से बनते हैं टेस्ट क्रिकेटर'

मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का कहना है कि आईपीएल से केवल टी20 फॉर्मेट के लिए खिलाड़ी चुने जाते हैं।

Edited By : Cricket Country Staff |Feb 01, 2019, 03:33 PM IST

Published On Feb 01, 2019, 03:33 PM IST

Last UpdatedFeb 01, 2019, 03:33 PM IST

Jasprit Bumrah, Hardik Pandya (AFP)

भारतीय चयनकर्ताओं ने पिछले कई सालों में इंडियन प्रीमियर लीग से कई युवा खिलाड़ियों को चुनकर राष्ट्रीय टीम में मौका दिया है। जिसके भारतीय क्रिकेट टीम को सफल नतीजे मिले हैं। जिसे लेकर कई बार ये गलत धारणा बना ली जाती है कि बीसीसीआई आईपीएल प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में जगह दे रही है, जिससे टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद पूरी तरह से इंकार करते हैं।

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज प्रसाद ने क्रिकबज को दिए बयान में कहा, “आईपीएल भारत का एक बड़ा टूर्नामेंट है जहां दुनियाभर के खिलाड़ी खेलते हैं। इस कड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के लगातार अच्छे प्रदर्शन पर नजर तो जाती है। इतना कहने के बाद, मैं ये कहूंगा कि हम आईपीएस से केवल टी20 फॉर्मेट के लिए खिलाड़ी चुनते हैं और फिर वहां से अगर वो उम्मीदों पर खरे उतरते हैं तो वो वनडे तक जाते हैं। आईपीएल के दम पर मौका मिलने के बाद, ये पूरी तरह से खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वो दूसरे फॉर्मेट की तकनीक सीखने में कितने दिलचस्पी लेते हैं।”

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प्रसाद ने आगे कहा, “अगर वो खुद को किसी भी फॉर्मेट के हिसाब से ढालना सीख जाते हैं तो वो तो कोई भी फॉर्मेट सीख सकते हैं। ये वैसा ही है जैसे पहले के समय में चयनकर्ता रणजी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ियों को चुनते थे और फिर दूसरे फॉर्मेट में मौका मिलने पर भी वो शानदार प्रदर्शन करते थे।”

हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह इन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने आईपीएल से लेकर भारतीय टेस्ट टीम तक का लंबा सफर तक दिया है। हालांकि हार्दिक को टेस्ट के अनुकूल बनने में अभी काफी समय बाकी है लेकिन बुमराह ने अपने आपको ऐसे गेंदबाज के रूप में विकसित किया है जो टीम इंडिया को किसी भी फॉर्मेट में जिताने का दम रखता है।

भरत अरुण, शंकर बासु और पैट्रिक फारहार्ट की मदद से टेस्ट फिट हुए बुमराह

टेस्ट क्रिकेट में बुमराह के प्रदर्शन पर प्रसाद ने कहा, “बुमराह शुरुआत में सीमित ओवर फॉर्मेट के लिए चुना गया था। कई लोगों का अनुमान था कि इस लड़के को लंबे फॉर्मेट में नहीं खिलाना चाहिए क्योंकि अपने अनोखे एक्शन के चलते वो चोटिल हो सकता है। असल में, चयनसमिति और टीम मैनेजमेंट इसके बिल्कुल विपरीत सोच रही थी। अगर ये लड़का अपने एक्शन में कोई बदलाव किए बिना मजबूत खिलाड़ी बन सकता है तो वो लंबे फॉर्मेट में प्रभावी साबित हो सकता है, खासकर विदेशों में।”

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बुमराह को टेस्ट गेंदबाज बनाने की तैयारियों पर प्रसाद ने कहा, “भरत (अरुण, भारतीय गेंदबाजी कोच), बासु (शंकर बासु, टीम इंडिया के ट्रेनर) और पैट्रिक (फारहार्ट, टीम के फीजियो) में उसके साथ काफी मेहनत की और साथ ही बुमराह ने भी लगातार फिटनेस रूटीन को फॉलो किया। आज हम इसका नतीजा देख रहे हैं। एक साल के अंदर वो हमारा सबसे अहम गेंदबाज बन गया है और साथ ही वो आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष गेंदबाजों के बीच शामिल हो गया है।”

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