MSK Prasad: Bowlers should be banned from using sweat and saliva
MSK Prasad @pti

कोविड-19 महामारी के बाद जब क्रिकेट मैच शुरू होंगे तब खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए क्या पहले जैसे थूक या पसीने का इस्तेमाल कर सकेंगे। ये सवाल सबके मन में है। कइयों का कहना है कि खिलाड़ियों को इससे बचना चाहिए तो कई ये कह रहे हैं कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को इसकी जगह कोई अन्य विकल्प की तलाश करनी चाहिए। खासकर टेस्ट क्रिकेट में गेंद की चमक को बरकरार रखने और स्विंग हासिल करने के लिए गेंदबाज थूक का इस्तेमाल करते हैं।

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कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसकी खिलाफत की है, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा है कि गेंदबाजों को थूक और पसीने से गेंद चमकाने से रोका जाना चाहिए।

प्रसाद ने स्टार स्पोर्ट्स तेलुगू के एक कार्यक्रम में कहा, ‘नियम कहते हैं कि आप गेंद को चमकाने के लिए अतिरिक्त चीजों का इस्तेमाल नहीं कर सकते, क्योंकि यह बॉल टेंपरिंग की श्रेणी में आता है। फिर भी खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए अपने पसीने और थूक का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस तरीके पर रोक लगा देनी चाहिए और आईसीसी को कुछ अलग विकल्पों के साथ आना चाहिए।’

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हाल में भारत के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने कहा था कि उन्हें लगता है कि सफेद गेंद के क्रिकेट को इससे समस्या नहीं होगी। इस पेसर के मुताबिक, ‘यहां तक कि वनडे में आप 25-25 ओवर के लिए दो नई गेंद लेते हो. सफेद गेंद के क्रिकेट में ‘रिवर्स स्विंग’ कभी भी अहम नहीं रही है। जहां तक सफेद गेंद का संबंध है तो नई गेंद के लिए आपको पसीने या लार की जरूरत नहीं पड़ती।’