दिवंगत बॉक्सिंग लीजेंड मोहम्मद अली का पार्थिव शरीर लुइसविले पहुंचा
फोटो साभार www.theguardian.com

दिवंगत बॉक्सिंग दिग्गज मोहम्मद अली का पार्थिव शरीर रविवार को केंटकी स्थित उनके गृहनगर लुइसविले लाया गया, जहां शुक्रवार को शवयात्रा निकाली जाएगी और उनकी याद में शोकसभा का आयोजन किया जाएगा। अली को परिवार के सदस्य गुरुवार को लुइसविले में अंतिम विदाई देंगे, जिसमें करीबी मित्र और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी शामिल होंगे। इसके बाद शुक्रवार को लुइसविले में उनकी शवयात्रा निकाली जाएगी और फिर केव हिल कब्रगाह में उन्हें दफन किया जाएगा।

दफनाने की प्रक्रिया निजी स्तर पर की जाएगी। इस दौरान केवल परिवार के सदस्य, क्लिंटन, कॉमेडियन बिले क्रिस्टल तथा पत्रकार ब्रेयांट गुम्बेल मौजूद रहेंगे। लुइसविले के मेयर ग्रेग फिशर ने कहा, “अली घर आ गए हैं।”

मुक्केबाजी में तीन बार हैवीवेट विश्व चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर चुके अली पार्किं संस बीमारी से ग्रस्त थे और उन्होंने एरिजोना के फीनिक्स में एक अस्पताल में शुक्रवार को अंतिम सांस ली। वह 74 साल के थे। [ये भी पढ़ें:]

तभी से उनके गृहनगर में अमेरिकी राष्ट्रध्वज आधा झुका दिया गया है। लुइसविले के मेयर ने अली को दफनाने तक राष्ट्रध्वज आधा झुकाए रखने का आदेश दिया है। उनके अंतिम संस्कार व शवयात्रा का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

अली ने इस्लाम कबूल कर लिया था। इससे पहले उनका नाम कैसियस क्ले था। उनका अंतिम संस्कार उनकी इच्छा के अनुसार इस्लामिक रीति-रिवाजों से किया जाएगा।

बॉक्सिंग से इतर वह नागरिकों अधिकारों के पक्ष में आवाज बुलंद करने के लिए भी जाने जाते हैं। इसके लिए उन्हें 1960 के दशक में परेशानियां भी झेलनी पड़ी। उन्होंने धर्म, सामाजिक स्थिति तथा रंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समानता के अधिकारों की मांग की।

दिवंगत महानतम मुक्केबाज के परिवार के प्रवक्ता बॉब गुनेल ने कहा, “अली सही मायने में लोगों के हीरो थे। अली का बेहतरीन मुक्केबाजी करियर उनके जीवन का आधा हिस्सा था, बाकी का आधा हिस्सा दुनिया के लोगों के साथ संदेश साझा करने में गुजरा।”