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रणजी ट्रॉफी में लोकल क्यूरेटरों की वापसी हो: तारे

आदित्‍य तारे ने 61 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में 37.02 के औसत से 3554 रन बनाए हैं।

Edited By : Press Trust of India |Jun 07, 2018, 08:10 PM IST

Published On Jun 07, 2018, 08:10 PM IST

Last UpdatedJun 07, 2018, 08:10 PM IST

Aditya Tare © IANS

मुंबई रणजी टीम के कप्तान आदित्य तारे का मानना है कि बीसीसीआई को रणजी ट्रॉफी में तटस्थ क्यूरेटरों की जगह स्थानीय क्यूरेटरों को ही पिच तैयार करने का मौका देना चाहिए।

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बीसीसीआई ने घरेलू टीमों को अपने फायदे के लिए मनमाफिक पिच तैयार करने से रोकने के लिए पिछले साल तटस्थ क्यूरेटरों को पिच तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बोर्ड ने आगामी सत्र में भी इस प्रयोग को जारी रखने का फैसला किया है।

तारे हालांकि घरेलू हालात का फायदा उठाने में कुछ भी गलत नहीं मानते। तारे ने कहा ,‘पिछले साल तटस्थ क्यूरेटरों ने अच्छा काम किया। मैं पिचों की शिकायत नहीं कर रहा। लेकिन मुझे साथ ही लगता है कि आपको स्थानीय क्यूरेटरों पर भी विचार करने की जरूरत है जिससे की पिच की असली प्रकृति को बचाया जा सके।’

उन्होंने कहा ,‘मुझे पूरी तरह से स्थानीय क्यूरेटरों के पिच तैयार करने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि इससे टीमों को घरेलू को हालात का फायदा मिलता है। साथ ही जब आप विरोधी के मैदान पर खेलते हो तो यह चुनौतीपूर्ण होता है और आप अपने मजबूत पक्षों के खिलाफ खेलते हो।’

तारे ने कहा ,‘टेस्ट क्रिकेट में भी घरेलू टीमें पिच तैयार करती है और मेहमान टीम को आकर चुनौतीपूर्ण हालात में खेलना होता है। घरेलू क्रिकेट में ऐसा क्यों नहीं हो।’

तारे ने 61 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में 37.02 के औसत से 3554 रन बनाए हैं।

 

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