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रणजी ट्रॉफी: मुंबई ने 41वीं बार किया खिताब पर कब्जा

41 बार रणजी ट्रॉफी फाइनल जीतने वाली मुंबई की यह फाइनल में 10वीं पारी की जीत है।

user-circle cricketcountry.com Written by Indo-Asian News Service
Last Published on - February 27, 2016 10:37 AM IST

रणजी ट्रोफी  © Getty Images
रणजी ट्रोफी © Getty Images

गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मुंबई क्रिकेट टीम ने 41वीं बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है। मुंबई ने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में शुक्रवार को तीसरे दिन ही सौराष्ट्र को पारी और 21 रनों से शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा जमाया। 41 बार रणजी ट्रॉफी फाइनल जीतने वाली मुंबई की यह फाइनल में 10वीं पारी की जीत है। मुंबई के गेंदबाजों ने जीत में अहम भूमिका निभाई। मुंबई ने सौराष्ट्र पर पहली पारी के आधार पर 136 रनों की बढ़त बना ली थी। इसके बाद मुंबई के गेंदबाजों ने सौराष्ट्र के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया और पूरी टीम को 115 रनों पर ढेर कर पारी और 21 रनों से जीत हासिल की। ये भी पढ़ें: एशिया कप 2016: बांग्लादेश ने यूएई को 51 रनों से हराया

मुंबई की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट शार्दुल ठाकुर ने लिए। उन्होंने पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। मुंबई की पहली पारी में शतक लगाने वाले श्रेयस अय्यर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अपने दूसरे दिन के स्कोर आठ विकेट पर 262 रनों से आगे खेलने उतरी मुंबई की टीम से तीसरे दिन ज्यादा देर मैदान पर टिकने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, सिद्देश लाड (88) ने बलिंदर संधू (नाबाद 34) के साथ दसवें विकेट के लिए 103 रनों की साझेदारी कर टीम को 136 रनों की बढ़त दिला दी।

मुंबई को दिन के पहले ही ओवर में झटका लगा जब इकबाल अब्दुल्ला 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दसवें विकेट के लिए लाड और संधू ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया। लाड टीम की तरफ से आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज थे। मुंबई ने 371 रन बनाए। लाड ने अपनी पारी में 101 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और पांच छक्के लगाए। ये भी पढ़ें: अनुष्का के भाई ने की विराट कोहली की मदद

नाबाद रहने वाले संधू ने अपनी पारी में 49 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। लाड और संधू के बीच होने वाली साझेदारी रणजी ट्रॉफी की 10वें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले यह रिकार्ड अशोक मांकड और सुशील सांघवी के नाम था जिन्होंने 1967 में यह कारनामा किया था। ये भी पढ़ें: पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के संभावित 11 खिलाड़ी

अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी सौराष्ट्र की टीम के बल्लेबाज मुंबई के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाए। टीम का स्कोर जब 13 रन था, तभी संधू ने अवि बारोट (4) को पेवलियन भेज दिया। टीम को दूसरा झटका भी जल्दी लगा। सागर जोगीयानी (9) को धवल कुलकर्णी ने 15 के स्कोर पर चलता किया।

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इसके बाद लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम 48.2 ओवर में 115 रन पर ढेर हो कर मैच गंवा बैठी। सौराष्ट्र की तरफ से सबसे ज्यादा 27 रन चेतेश्वर पुजारा ने बनाए। उनके अलावा कप्तान जयदेव शाह 17 रनों का योगदान दे सके। टीम की तरफ से सबसे बड़ी साझेदारी चौथे विकेट के लिए पुजारा और शेल्डन जैक्सन (13) के बीच 24 रनों की हुई।मुंबई की तरफ से ठाकुर के अलावा धवल कुलकर्णी और संधू ने दो-दो विकेट लिए। अभिषेक नायर को एक विकेट मिला।