मुंबई रणजी टीम गुरुवार को अपना 500वां मैच खेलेगी © IANS
मुंबई रणजी टीम गुरुवार को अपना 500वां मैच खेलेगी © IANS

रणजी ट्रॉफी में 41 बार की चैंपियन मुंबई की टीम गुरुवार को बड़ौदा के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का 500वां मैच खेलेगी और ये उपलब्धि हासिल करने वाली पहली टीम बनेगी। मुंबई के इस ऐतिहासिक मैच से पहले सचिन तेंदुलकर ने बड़ा बयान दिया। सचिन तेंदुलकर ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मुंबई रणजी टीम ने दुनिया के कुछ सबसे शानदार क्रिकेटरों को निखारा है। रणजी टूर्नामेंट का हिस्सा होते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ और खिलाफ खेलने का मौका मिलने से हमारे कई खिलाड़ियों ने काफी कुछ सीखा।’’

सचिन ने कहा, ‘‘मुंबई के प्रत्येक क्रिकेटर को टीम की कैप पहनने में काफी गर्व होता है। इसे कभी आसान नहीं मानने और अतीत की उपलब्धियों से संतोष नहीं करने के कारण ही मुंबई की रणजी टीम का सालों से दबदबा है।’’ आजाद मैदान, क्रॉस मैदान, ओवल और शिवाजी पार्क वो स्थान हैं जहां गुरू-शिष्य परंपरा के बीच सपने आकार लेते हैं।

दिवंगत विठ्ठल ‘मार्शल’ पाटिल से रमाकांत आचरेकर से लेकर अंकुश ‘अन्ना’ वैद्य जैसे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट कोच (लेवल ए, बी और सी कोर्स से पहले) मुंबई से रहे। तो फिर मुंबई रणजी टीम को अन्य राज्यों की टीम से क्या चीज अलग बनाती है। पूर्व भारतीय कप्तान और मुंबई के दिग्गज अजित वाडेकर ने इसे ‘किलर इंस्टिंक्ट’ बताया है। मुंबई क्रिकेट में दूसरी सर्वश्रेष्ठ टीम बनने या सेमीफाइनल में हारने को विफलता माना जाता है।

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अजीत वाडेकर ने कहा, ‘‘मुंबई के लिए खेलना मजेदार होता था और हमें जीत की परंपरा को बरकरार रखना था और यह चुनौती थी। हम आत्ममुग्ध नहीं हो सकते थे। हमने मैदान पर अपनी विरोधी टीम पर कभी रहम नहीं बरता और हमेशा उसे रौंदने के लिए तैयार रहते थे। विरोधी टीम डरी होती थी और इससे मदद मिलती थी।’’