सिद्धेश लाड Photo Courtesy: Siddhesh Lad on Facebook
सिद्धेश लाड Photo Courtesy: Siddhesh Lad on Facebook

मुंबई की तरफ से एतिहासिक 500वें मैच में बेहतरीन अर्धशतक लगाने के बाद बल्लेबाज सिद्धेश लाड काफी खुश दिखाई दिए। टीम पर एक समय हार का खतरा मंडरा रहा था लेकिन निचले क्रम में बल्लेबाजी करने उतरे लाड ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और अपनी टीम की हार को टाल दिया। मैचे के बाद लाड ने कहा, ‘जब मैं मैदान पर खेलने गया तो मेरा सिर्फ एक ही मकसद था कि मैं अंत तक आउट ना होऊं। मुंबई को ऐसे हालात में देखकर मुझे काफी तकलीफ हो रही थी।’

लाड ने आगे कहा, ‘500वें मैच में हमारी हालत बेहद खराब थी और ऐसी ही हालत ने मुझे अच्छा खेलने की प्रेरणा दी। मेरा मकसद सिर्फ और सिर्फ मुंबई को हार से बचाने का था। टीम के सीनियर खिलाड़ी आदित्य तरे औरे अभिषेक नायर ने ऐसा बहुत बार किया था और इस बार टीम को हार से बचाने की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी। ऐसे हालात में सीनियर खिलाड़ियों से बातचीत करना काफी फायदेमंद होता है और मैं लगातार उन खिलाड़ियों से बात कर रहा था। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है।’

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बड़ौदा के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में मुंबई के सिद्धेश लाड ने नाबाद 71 रनों की पारी खेल अपनी टीम को हार से बचाया। सिद्धेष लाड लगभग चार घंटे तक क्रीज पर डटे रहे और अपनी टीम के संकटमोचक बन गए। मुंबई के लिए इस ऐतिहासिक मैच में शुरू से ही कुछ भी सही नहीं रहा। पहली पारी में टीम 171 रन पर ढेर हो गई। जवाब में बड़ौदा ने अपनी पारी नौ विकेट पर 575 रन बनाकर घोषित की। पहली पारी में बड़ौदा ने 404 रन की बढ़त हासिल की। मैच के चौथे दिन मुंबई ने सात विकेट खोकर 270 रन बनाए। इस दौरान सिद्धेष लाड ने 71 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली।