Munaf Patel quits all forms of cricket
Munaf-Patel (AFP Photo)

विश्‍व कप विजेता टीम के सदस्‍य रहे भारतीय तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्‍यास ले लिया है।

गुजरात के भरुच से आने वाले मुनाफ अब अपना ध्‍यान कोचिंग पर लगाना चाहते हैं। वो संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) में होने वाली आगामी टी10 लीग में हिस्‍सा लेंगे।

दाएं हाथ के 35 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच सितंबर, 2011 में इंग्‍लैंड के खिलाफ वनडे खेला था। मुनाफ ने 13 टेस्ट, 70 वनडे इंटरनेशनल और तीन टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं।

वर्ष 2006 में इंटरनेशनल क्रिकेअ में डेब्‍यू करने वाले इस तेज गेंदबाज के नाम 35 टेस्‍ट और 86 वनडे विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा मुनाफ ने टी-20 में 4 विकेट अपने नाम किए हैं।

2011 विश्‍व कप विजेता टीम के हिस्‍सा थे मुनाफ

मुनाफ साल 2011 में विश्‍व विजेता भारतीय टीम के हिस्‍सा रहे हैं। इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में वो भारतीयों में तीसरे नंबर पर हैं। विश्‍व कप में उनके नाम 11 विकेट दर्ज हैं। उनसे पहले इस लिस्‍ट में पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान और युवराज सिंह का नाम आता है।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए मुनाफ ने कहा, ‘ मुझे कोई अफ़सोस नहीं है। मैं जितने भी क्रिकेटर के साथ खेला, उसमें धोनी के अलावा सब रिटायर हो चुके हैं। सबका समय पूरा हो चुका है, गम तब होता जब सब खेल रहे होते और मैं रिटायर होता।’

मुनाफ ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले संस्‍करण (2008) में राजस्‍थान रॉयल्‍स की ओर से खेला था। उस समय राजस्‍थान रॉयल्‍स के कप्‍तान ऑस्‍ट्रेलियाई दिग्‍गज शेन वॉर्न थे।

बकौल मुनाफ, ‘ मेरा मन आज भी नहीं मान रहा कि मैं क्रिकेट छोड़ दूं। इसके अलावा मैं कुछ और नहीं जानता। मैं चाहता हूं कि युवाओं को मौका मिले। विश्‍व कप विजेता टीम का हिस्‍सा रहा। इससे बड़ी बात और मेरे लिए क्‍या हो सकती है।’

15 साल का रहा क्रिकेट करियर

मुनाफ ने 15 साल क्रिकेट खेला। उन्‍होंने 69 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में कुल 231 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उनका औसत 24.43 रहा। 140 लिस्‍ट ए के मैचों में 173 विकेट मुनाफ के नाम दर्ज हैं। मुनाफ ने 97 टी-20 मैचों में कुल 101 विकेट झटके हैं।

‘उम्र हो चुकी है’

मुनाफ ने कहा कि क्रिकेट छोड़ने का कारण यही है कि अब उम्र हो चुकी है। फिटनेस भी साथ नहीं दे रही है। यदि आज मैं क्रिकेटर नहीं होता को अफ्रीका में किसी कंपनी में एक वर्कर, एक लेबर होता।’