पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में शानदार गेंदबाजी कर टीम की कमर तोड़ने वाले केदार जाधव ने मैच के बाद सफलता का राज बताया। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय नेट पर अधिक गेंदबाजी नहीं करने को दिया।

पैर की मांसपेशियों में खिंचाव से उबरने के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी कर रहे जाधव ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मुकाबले में तीन विकेट चटकाए।

नेट में नहीं करता ज्यादा गेंदबाजी

भारत की ओर से 42 वनडे खेलने वाले जाधव ने कहा, ‘‘मैं नेट्स पर अधिक गेंदबाजी नहीं करता। ईमानदारी से कहूं तो मैच से पहले प्रैक्टिस सेशन में मैं कुछ ही ओवर फेंकता हूं। मुझे लगता है कि अगर नेट सेशन में मैं अपनी गेंदबाजी पर काम करने का प्रयास करता हूं तो इसमें जो भी कुछ अलग चीज है वह खत्म हो सकती है। इसलिए मैं अपनी सीमा में रहता हूं।’’

महेंद्र सिंह धोनी के फैसले ने बदला जीवन

जाधव ने साथ ही याद किया कि किस तरह 2016 में जब पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हें गेंद थमाई तो उनके अंदर का गेंदबाज सामने आया। उन्होंने कहा, ‘‘धोनी भाई ने जब से न्यूजीलैंड के खिलाफ उस मैच में मुझे गेंदबाजी के लिए कहा तब से मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया।’’

विकेट हासिल करने की क्षमता का कारण पूछने पर जाधव ने कहा, ‘‘हम वह करने का प्रयास करते हैं जिसकी हमारे से उम्मीद की जा रही है- सही विभाग में गेंदबाजी करना, जब क्षेत्ररक्षक सर्कल में हो तो दबाव बनाए रखना। अगर हम प्रक्रिया पर कायम रहें तो नतीजे अपने आप मिलते हैं और मुझे लगता है कि यही हो रहा है।’’