एन श्रीनिवासन और अनुराग ठाकुर  © PTI
एन श्रीनिवासन और अनुराग ठाकुर © PTI

हाल ही में 7 जनवरी को बैंगलुरू में 24 स्टेट असोसिएशन की बैठक हुई जिसमें पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन और अनुराग ठाकुर सम्मिलित हुए। यह एक अनौपचारिक बैठक थी जिसमें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लिए गए ऑर्डर के तहत अगला कदम उठाने के बारे में चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने प्रभावशाली तरीके से कई बीसीसीआई अधिकारियों के प्रशासनिक पदों को खत्म कर दिया था। लोढ़ा समिति की व्याख्या के तहत जो अधिकारी नौ साल से ज्यादा ऑफिस में रह चुके हैं वह बीसीसीआई और स्टेट लेवल ऑफिस में पद ग्रहण करने योग्य नहीं हैं।

बैंगलुरू में हुई बैठक कथित रूप से एन. श्रीनिवासन ने बुलाई थी जिसमे विभिन्न स्टेट असोसिएशन से आए प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। जिसमें अजय शिर्के, राजीव शुक्ला, अनिरुद्ध चौधरी, अमिताभ चौधरी और निरंजन शाह शामिल रहे। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट असोसिएशन, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, रेलवे, सर्विसेज, और नेशनल क्रिकेट क्लब(कोलकाता) के प्रतिनिधि इस बैठक में उपस्थित नहीं रहे। मीटिंग में उपस्थित एक पदाधिकारी जो ईस्ट जोन स्टेट असोसिएशन का अंग थे। उन्होंने कहा कि बैगलुरू की मीटिंग एकजुटता दिखाने लिए की गई। बिना नाम बताए उन्होंने कहा, “आधाररूप से ये कोर्ट के निर्णय के बाद एकता दिखाने के लिए था। इस दौरान हर किसी ने अपनी- अपनी बातें रखीं।” [ये भी पढ़ें: एक टी20I पारी में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले चौथे बल्लेबाज बने कोरी एंडरसन]

उसने आगे बताया कि कठिन कदमों के बारे में तब पता चलेगा जब कोर्ट प्रशासकों के पैनल की नियुक्ति करेगा। जिसका निर्णय कोर्ट की अगली सुनवाई में 19 जनवरी को होगा। अधिकारी ने ये भी बताया कि ऐसे कोई नकारात्मक प्लान नहीं हैं जो क्रिकेट, इंटरनेशनल, घरेलू की कार्यप्रणाली से छेड़छाड़ करे। वहीं बात करें लोढ़ा समिति की तो वे बैंगलुरू मीटिंग को लेकर बेफिक्र हैं। यह समझ लिया गया है कि वह 2 जनवरी के कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक 11 जनवरी को बीसीसीआई और स्टेट असोसिएशन के आगे के रास्ते को निकालने के लिए मीटिंग करेगी। समिति को 18 स्टेट असोसिएशन से मेल मिले हैं जिनमें पूछा गया है कि उनका अगला कदम क्या है।