एन श्रीनिवासन © AFP (File Photo)
एन श्रीनिवासन © AFP (File Photo)

पूर्व बीसीसीई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कल बीसीसीआई के विशेष आम सभा बैठक में भाग लिया था। हालांकि बैठक के बाद उनसे उनकी उपस्थिति के बारे में पूछा गया तो वह पत्रकारों पर ही भड़क गए। उन्होंने गुस्से में पत्रकार से कहा, “आप कहां से हो, किस चैनल में काम करते हो। मैं आपको बधाई देता हूं आपने मुझे चुप रहने पर मजबूर कर दिया।” श्रीनिवासन चाहे जो भी करें लेकिन अगर हम लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर नजर डालें तो श्रीनिवासन इस बैठक में शामिल होने के योग्य नहीं है। वहीं श्रीनिवासन ने बैठक के दौरान लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने का विरोध किया

एक बीसीसीआई के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष ने भी राज्य इकाईयों को लगातार फोन करके उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को लागू करने के लिये समिति के गठन का विरोध करने की सलाह दी थी। हालांकि श्रीनिवासन पहले लोढ़ा समिति की सिफारिशों को अपनाने के संबंध में प्रस्ताव लाने को सहमत हो गये थे। इस हिसाब से प्रस्ताव भी तैयार कर दिया था लेकिन सुबह श्रीनिवासन ने यूटर्न ले लिया और कहा कि वह उन्हें कोई प्रस्ताव मंजूर नहीं है। [ये भी पढ़ें: वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में खेल सकते हैं ऋषभ पंत]

एसजीएम में उपस्थित एक राज्य इकाई के वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “यह आश्चर्यजनक था कि श्रीनिवासन ने रविवार की रात को प्रस्ताव अपनाने पर सहमति जताई थी। इस प्रस्ताव में एक राज्य एक मत, 70 साल की आयु सीमा, तीन साल का कूलिंग ऑफ पीरियड और तीन की बजाय पांच सदस्यीय चयनसमिति जैसे विवादास्पद मसले भी शामिल थे। आज सुबह वह आये और उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा, “श्रीनिवासन और उनके समर्थकों का मानना था कि बीसीसीआई को कोई सुधार लागू नहीं करना चाहिए बल्कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ देना चाहिए। अधिकतर राज्य इकाईयां गतिरोध दूर करना चाहती थी लेकिन श्रीनिवासन विवाद बनाये रखना चाहते थे ताकि सिफारेशें लागू करने की प्रक्रिया में आगे भी देरी हो। [ये भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल मैच के बाद इस बारे में बात कर रहे विराट कोहली और शोएब मलिक]

दिलचस्प बात यह है कि दो पूर्व पदाधिकारियों ने भी राज्य इकाइयों को फोन करके उन्हें समिति गठित करने से रोकने को प्रयास किया था। सूत्रों ने कहा, “यह पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष भी श्रीनिवासन की तरह समिति गठित करने के सख्त खिलाफ था। उन्होंने कई इकाइयों को फोन किया लेकिन सदस्यों का मानना था कि अब कुछ कार्यवाही करना जरूरी है। समिति में जिन सदस्यों की पुष्टि हो गयी है उनमें कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी, कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी तथा पूर्वोत्तर राज्यों का एक प्रतिनिधि शामिल है। दो अन्य सदस्य समिति का हिस्सा बन सकते हैं। श्रीनिवासन ने तमिलनाडु क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि के रूप में बीसीसीआई की विशेष आम सभा में हिस्सा लिया था।