Nat Sciver on why Katherine Brunt didn’t mankad Sune Luus: none of our team would ever do that
कैथरीन ब्रंट. सून लूस (Twitter)

क्रिकेट जगत भले ही मांकड़िंग से साल 1947 में रूबरू हुआ हो लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर में विवादास्पद तरीके से मशहूर करने का श्रेय भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को जाता है। अश्विन का मानना है कि अगर नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बाहर जाता है तो गेंदबाज को उसे रन आउट करने की पूरी छूट है। लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाज कैथरीन ब्रंट शायद ऐसा नहीं सोचती हैं।

ऑस्ट्रेलिया में आयोजित महिला टी20 विश्व कप में रविवार को दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में ब्रंट ने मौका होने के बावजूद प्रोटियाज खिलाड़ी सून लूस को मांकड़ नहीं किया।

पर्थ में खेले गए मैच में दक्षिण अफ्रीका टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन की जरूर थी, जब कप्तान हेदर नाइट ने ब्रंट को गेंद थमाई। ओवर की पहली दो गेंदो पर दो रन गए लेकिन जब ब्रंट तीसरे गेंद करने जा रही थी तो लूस नॉन स्ट्राइक एंड की लाइन से काफी आगे निकल गईं। ब्रंट ने ये देखा और रूक गईं लेकिन बल्लेबाज को मांकड़ आउट करने की कोशिश नहीं की। अगली दो गेंदो पर छक्का और चौका जड़कर मिग्नॉन डु प्रीज ने दक्षिण अफ्रीका को इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाई।

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मैच खत्म होने के बाद जब इंग्लैंड टीम की शीर्ष क्रम बल्लेबाज नेटली साइवर मीडिया के सामने आईं तो उन्होंने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। साइवर ने कहा, “वो कभी भी उसे रन आउट नहीं करने वाली थी। मुझे पता है कि हमारे कोई भी टीम कभी भी ऐसा नहीं करेगी। ये खेल का हिस्सा है, ना?”

केवल साथी खिलाड़ी नेटली ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीकी टीम की गेंदबाज मरिजने कॉप ने भी ब्रंट का समर्थन किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “जब ब्रंट बल्लेबाजी कर रहीं थी तो अयबोंगा खाका ने भी ऐसा ही किया था। दोनों टीमों की ओर से बराबरी का खेल दिखाया गया।”

ब्रंट के लूस को आउट ना करने के फैसले को इंग्लैंड की हार से जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे अगर ब्रंट ओवर की तीसरी गेंद पर लूस को मांकड़ आउट कर भी देतीं तो नई बल्लेबाज नॉन स्ट्राइकर एंड पर ही आती और डी प्रीज के लगातार दो बड़े शॉट लगाने की संभावना पर कोई फर्क नहीं पड़ता।