टेस्ट क्रिकेट में तहलका मचाने वाले सीनियर स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) और नाथन लियोन (Nathan Lyon) अपने अपने देशों की सीमित ओवर फॉर्मेट टीमों से काफी समय से बाहर हैं। आखिर क्या कारण है जो ये दिग्गज खिलाड़ी वनडे या टी20 में टेस्ट जैसी सफलता नहीं हासिल कर पा रहे हैं।

इस बात के जवाब में पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर मुश्ताक अहमद (Mushtaq Ahmed) ने कहा है कि वैरिएशंस की कमी की वजह से अश्विन, लियोन और यासिर शाह (Yasir Shah) जैसे खिलाड़ी सीमित ओवर फॉर्मेट में सफल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लियोन और अश्विन दोनों सकलैन मुश्ताक और मुथैया मुरलीधरन के दर्जे के गेंदबाज हैं लेकिन वनडे क्रिकेट के अनुकूल नहीं हैं।

पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा ,‘‘युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को देखो। दोनों ने सफेद गेंद से भारत को कई मैच जिताए हैं। लियोन, अश्विन और यासिर की गेंदों में शायद वनडे क्रिकेट के लायक वैरिएशन ही नहीं थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से कुछ वनडे क्रिकेट में भी सफल रहे हैं लेकिन बदले हुए नियमों के साथ क्रिकेट अब काफी बदल गया है। ऐसे में मिस्ट्री स्पिनर और रिस्ट स्पिनर ज्यादा प्रभावी हो गए हैं। इनमें आदिल रशीद, एडम जम्पा, चहल, यादव और शादाब खान शामिल है।”

इस पूर्व गेंदबाज का मानना है कि टेस्ट और वनडे-टी20 टीम में अलग अलग गेंदबाजी अटैक रखना सही रणनीति है। उन्होंने कहा, ‘‘आजकल इतना क्रिकेट खेला जा रहा है कि अलग अलग फॉर्मेट के लिए अलग अलग स्पिनर होने चाहिए। आप पांच छह स्पिनरों को चुनकर उन्हें अलग अलग फॉर्मेट में इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे उनका कैरियर भी लंबा होगा।’’

इंग्लैंड टीम के साथ काम कर चुके मुश्ताक ने हालांकि ये माना कि टेस्ट क्रिकेट ही खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है। उन्होंने कहा, ‘‘स्पिनरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती टेस्ट क्रिकेट है जहां उनकी प्रतिभा की असली परख होती है। यासिर शाह, नाथन लियोन, मोईन अली, अश्विन जैसे गेंदबाजों का टेस्ट क्रिकेट में योगदान अपार है।’’