NCL will help Bangladeshi players to be patient for Test series against India, says selector Habibul Bashar
बांग्लादेश टेस्ट टीम © AFP

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के जरिए आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज करने से पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर नेशलन क्रिकेट लीग में हिस्सा लेंगे। टीम के प्रमुख चयनकर्ता हबीबुल बशर का कहना है कि ये लीग खिलाड़ियों को टेस्ट फॉर्मेट के लिए मजबूत और धैर्यवान बनाएगी। उन्होंने साफ किया कि गंभीर चोट के अलावा किसी भी और कारण से खिलाड़ियों को इस लीग में शामिल ना होने की अनुमति नहीं मिलेगी।

बशर ने कहा, “बिना किसी ठोस कारण के किसी को भी एनसीएल को छोड़ने की अनुमति नहीं मिलेगी। कल्पना करें कि किसी को हैमस्ट्रिगं इंजरी है या फिर किसी की उंगली टूट गई है तो फिर उस पर विचार किए जाएगा लेकिन इन कारणों के अलावा हम और कोई स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि सभी को एनसीएल में खेलना अनिवार्य है।”

चोट के अलावा बशर ने विदेशी लीग में खेल रहे खिलाड़ियों को भी छूट देने की बात कही। उनका इशारा बांग्लादेशी टेस्ट टीम के कप्तान शाकिब अल हसन और लिट्टन दास की ओर था, जो कि कैरेबियन प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं। बशर ने कहा, “जो खिलाड़ी विदेशी लीग में खेल रहे हैं, उनकी बात अलग है। लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने पारिवारिक कारण और यात्रा करने के मकसद से छुट्टी ली है लेकिन अब इन सब चीजों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन अगर कोई खिलाड़ी किसी और देश में क्रिकेट खेल रहा है या फिर कोई गंभीर इंजरी है तो फिर बास अलग है और हम उस पर विचार करेंगे। लेकिन इके अलावा हम किसी और चीज को स्वीकार नहीं करेंगे।”

IND v SA : रोहित का ऐतिहासिक शतक, विशाखापत्तनम टेस्ट रोमांचक मोड़ पर

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले एनसीएल के महत्व पर बशर ने कहा, “उन्हें एनसीएल का पूरा फायदा उठाना चाहिए क्योंकि यहां उन्हें मैदान पर ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा और उन्हें इसकी आदत डालनी होगी, हमने देखा कि अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में हमारे बल्लेबाज ऐसा करने में नाकाम रहे थे। गेंदबाजों के नजरिए से, अगर आपको क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट का भार संभालने की आदत है, आपके लिए टेस्ट मैच में बतौर यूनिट गेंदबाजी करना मुश्किल होगा। क्योंकि यहां खेलने से उन्हें धैर्यवान होने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “टेस्ट मैचों में ऐसा समय आएगा जब गेंदबाजों के लिए कुछ भी सही नहीं होगा लेकिन उन्हें वहां अपनी समझ नहीं खोनी है बल्कि लंबे समय तक अपने बेसिक्स का प्रदर्शन ही करना है और जब तक वो 20 से 25 ओवर गेंदबाजी करने के लिए शारीरिक रूप से फिट नहीं होगा, तब तक ये संभव नहीं है कि कोई भी लंबे प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कर सके। इन सब बातों को देखते हुए हमने तय किया है कि उपलब्ध राष्ट्रीय खिलाड़ी एनसीएल के शुरूआती दो राउंड खेलेंगे।”