Need to use your brain more in Test cricket: Yuzvendra Chahal
Yuzvendra Chahal (File Photo) © Getty Image

वनडे और टी-20 में खेलने वाले स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज को दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ता है। क्रिकेट के इस सबसे लंबे प्रारुप में बल्लेबाज ज्‍यादा आक्रामक नहीं होते। ऐसे में गेंदबाजों का काम बढ़ जाता है।

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टेस्‍ट में बल्‍लेबाजों पर नहीं होता दबाव

आईसीसी ने चहल के हवाले से लिखा, “टेस्‍ट में परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में समय लगता है। यहां बल्लेबाज के ऊपर रन बनाने का ज्यादा दबाव नहीं होता। वहीं, वनडे और टी-20 में बल्‍लेबाज रन रेट पर काफी ध्‍यान देता है। वो शॉट मारने की कोशिश करता है और आप उसका विकेट आसानी से निकाल लेते हैं। टेस्ट क्रिकेट में बल्‍लेबाज को आउट करने के लिए एक गेंदबाजा को अपनी योग्‍यता दिखानी होती है।”

इंग्‍लैंड में बल्‍लेबाजी करना होता है कठिन

युजवेंद्र चहल ने कहा, “इंग्‍लैंड में हमेशा से ही बल्‍लेबाजी करना काफी कठिन रहा है। ये पांच मैचों की टेस्ट सीरीज है। आप अंतिम तीन मैचों में वापसी कर सकते हो। टेस्‍ट क्रिकेट में स्पिन गेंदबाज को 30-35 ओवर गेंदबाजी करनी होती है। जिसके कारण उसे अधिक दिमांग लगाना पड़ता है। टी-20 में इसकी जरूरत नहीं बड़ी क्‍योंकि यहां केवल चार चार ओवर डालने होते हैं।”

चहल इंडिया ए की तरफ से खेलते हुए टेस्‍ट मैच में रहे फ्लॉप

युजवेंद्र चहल इस वक्‍त इंडिया ए की तरफ से साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ खेल रहे हैं। दो चार दिवसीय अनौपचारिक मैचों में चहल ने सिर्फ चार विकेट निकाले। भारत इंग्‍लैंड वनडे और टी-20 सीरीज के दौरान युजवेंद्र चहल टीम का हिस्‍सा थे। चहल ने कहा, “इंग्लैंड का मेरा अनुभव काफी अच्छा था। मेरे लिए ये दौरा काफी अच्‍छा रहा। अब मेरी नजरें एशिया कप पर है।” चहल ने कहा, “इंग्लैंड में स्पिनरों से ज्‍यादा परिस्थतियां तेज गेंदबाजों को मदद करती है। आपने देखा ही होगा कि जेम्स एंडरसन ने टेस्ट में अपने 550 विकेट पूरे कर लिए हैं। वहां गेंद काफी स्विंग होती है।”