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- Never felt insecure as 12th man during ICC Champions Trophy 2017, says Ajinkya Rahane
"12वां खिलाड़ी होते हुए भी कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया"
अजिंक्य रहाणे का कहना है कि टेस्ट उप कप्तान होते हुए भी वनडे-टी20 में 12वां खिलाड़ी बनने में उन्हें एतराज नहीं है।
Published On Jul 15, 2017, 09:25 AM IST
Last UpdatedJul 15, 2017, 09:25 AM IST

भारत का टेस्ट कप्तान बनने के बाद 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता लेकिन अजिंक्य रहाणे ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका मानना है कि जब कोई भारत की जर्सी पहनता है तो उसे अपनी असुरक्षा और अहंकार को मैदान से दूर रखना पड़ता है। धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में रहाणे भारत के कप्तान थे और भारत ने यह टेस्ट जीतकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की थी। वहीं जून में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और उन्हें 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभानी पड़ी। हालांकि इससे रहाणे पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
रहाणे ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर मैं टेस्ट टीम में उप कप्तान हूं तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12वें खिलाड़ी की भूमिका नहीं निभाऊंगा। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आपको वही काम करना होता है जो आपको सौंपा जाता है। जब मैं चैंपियंस ट्राफी के दौरान मैदान पर ड्रिंक्स लेकर जा रहा था तो मुझे कभी अहंकार या असुरक्षा महसूस नहीं हुआ। मैं ऐसा ही व्यक्ति हूं।’’ दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज में भारत की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में सफल वापसी करते हुए पांच मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत 67 .20 की औसत से 336 रन बनाए। [ये भी पढ़ें: जहीर खान की नियुक्ति को लेकर सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान]
उन्होंने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला मेरे लिए विशेष थी। यह श्रृंखला मेरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए महत्वपूर्ण थी और लगभग सभी मैचों में रन बनाना संतोषजनक अहसास है। मुझे अपनी बल्लेबाजी के विभिन्न पक्षों को दिखाने का मौका मिला।’’ रहाणे के अनुसार खेल के तकनीकी पहलुओं में बदलाव से अधिक जरूरी मानसिक तौर पर बदलाव करना है। रहाणे के अनुसार वेस्टइंडीज में खेली गई पारियां इसलिए भी विशेष थी क्योंकि वहां की पिच बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से अनुकूल नहीं थी, पोर्ट आफ स्पेन तथा एंटीगा की पिचों पर बल्लेबाजों को काफी परेशानी हो रही थी।