Never hoped of selection in the Indian team: Arzan Nagwaswala
अर्जन नागवासवाला (File photo)

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जन नागवासवाला इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में स्टैंडबाय गेंदबाज के तौर पर चुने जाने की खबर सुनकर हैरान रह गए थे। गुजरात के वालसाड के गांव नार्गोल में रहने वाले नागवासवाला ने टीम इंडिया में चयन की उम्मीद नहीं की थी।

नागवासवाला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस खबर को सुनने के बाद मैंने सबसे पहले मां और पिताजी को फोन किया। मैं बहुत रोमांचित था। मैं सड़क पर नहीं रुक सकता था क्योंकि कोविड-19 प्रोटोकॉल आपको कार से बाहर निकलने की अनुमति नहीं देता है।”

आईपीएल-14 के दौरान मुंबई इंडियंस के साथ रहे 23 साल के नागवासवाला दिल्ली से लौट गए हैं। उन्होंने कहा, “मैं इतना थक गया था कि मैं मुश्किल से कॉल उठा सकता था और बात कर सकता था। मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। हर किसी को भरोसा था कि मुझे एक दिन ना एक मौका मिलेगा। मुझमें भी वो आत्मविश्वास था। (लेकिन) ये बहुत अप्रत्याशित और आश्चर्यजनक था।”

नागवासवाला ने कहा कि बाएं हाथ का गेंदबाज होने की वजह से उन्हें गेंद को घूमाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं बाएं हाथ का तेज गेंदबाज हूं। घर पहुंचने के बाद मैंने अपने माता-पिता को कसकर गले लगाया। मेरे दोस्त, जो दरवाजे पर मेरा इंतजार कर रहे थे।”

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रणजी ट्रॉफी में गुजरात का प्रतिनिधित्व करने वाले तेज गेंदबाज ने 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 62 विकेट लिए हैं। इसके अलावा उन्होंने 2019-20 के रणजी ट्रॉफी सीजन में आठ मैचों में 41 विकेट चटकाए हैं।

नागवासवाला का सपना उस समय सच हो गया, जब उन्हें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और मुंबई इंडियंस के क्रिकेट संचालक जहीर खान के साथ कुछ सीखने को मिला।

उन्होंने कहा, “उन्होंने गेंदबाजी के पहलू पर ज्यादा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह ठीक है। जहीर सर ने कहा कि अगर आप अच्छी तरह से ट्रेनिंग करते हैं, तो आप अपनी गेंदबाजी में अधिक लाभ देखेंगे। उन्होंने मुझे अच्छी तरह से प्रशिक्षित करने के लिए कहा। उन्होंने मुझे कुछ तकनीकी बातें भी बताईं। मैं बाएं हाथ का था। यह मेरा फायदा था। हमारे जिले या यहां तक कि राज्य स्तर पर भी हमारे पास बहुत सारे बाएं हाथ के बल्लेबाज नहीं थे। मैं जहीर सर को देखता था और मुझे तेज गेंदबाजी में दिलचस्पी थी।”