न्यूजीलैंड में ओटैगो कंट्री के कप्तान प्रेसर विल्सन ने 119 गेंदों में कोई रन नहीं बनाया © Getty Images (Representative Image)
न्यूजीलैंड में ओटैगो कंट्री के कप्तान प्रेसर विल्सन ने 119 गेंदों में कोई रन नहीं बनाया © Getty Images (Representative Image)

न्यूजीलैंड में क्रिकेट मैच के दौरान एक अप्रत्याशित नजारा देखने को मिला। न्यूजीलैंड में खेले गए हॉक कप में ओटैगो कंट्री के कप्तान ने जिस तरह की बल्लेबाजी का नजारा पेश किया वो वाकई दिलचस्प था। अपनी टीम को हार से बचाने के लिए इस बल्लेबाज ने अपना पूरा दम लगा दिया। ओटैगो कंट्री के कप्तान फ्रेसर विल्सन ने 119 गेंदों का सामना किया और इस दौरान उन्होंने एक भी रन नहीं बनाया, मतलब विल्सन ने 119 गेंदों में 0 का स्कोर किया।

विल्सन जब बल्लेबाजी के लिए आए तो उनकी टीम 99 रन पर 7 विकेट खो चुकी थी और टीम को जीतने के लिए 345 रन बनाने थे। ऐसे में टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा था, विल्सन और उनकी टीम को हार से बचने के लिए 30 ओवरों की बल्लेबाजी करनी थी। लेकिन दुर्भाग्यवश, ओटेगो की टीम ने अपने दो विकेट तब खो दिए जब सिर्फ एक ओवर का खेल ही बचा था। आखिरी बल्लेबाज सिर्फ 2 गेंदें ही खेल सका और ओटैगा नजदीकी मुकाबला हार गई। लेकिन सबसे हैरानी वाली बात थी कि विल्सन सिर्फ एक ही आंख से बल्लेबाज कर रहे थे। विल्सन ने कहा कि मैंने पूरा मैच एक आंख के साथ ही खेला, इसलिए मैं कुछ इस तरह खड़ा हो रहा था कि मुझे मेरी सीधी आंख से गेंद दिख सके, क्योंकि मेरी सीधी आंख ही काम कर रही थी। ये भी पढ़ें: शादियों के कारण कटक नहीं पहुंच सकीं टीमें, होटल के सारे कमरे बुक

विल्सन की पारी ने साल 1999 में जॉफ एलॉट की 77 गेंदों में 0 रन की पारी की याद दिला दी। ऐलॉट ने ये पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली थी। एलॉट की वो पारी अभी भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की बिना कोई रन बनाए सबसे बड़ी पारी है। विल्सन ने कहा बल्लेबाजी के दौरान मेरी सिर्फ एक ही रणनीति थी कि मैं गेंद को खेलूं तो लेकिन सिर्फ 5 मीटर के दायरे में और ऐसे हालात में आप रन नहीं बना सकते। साथी खिलाड़ियों ने कुछ चौके मारे लेकिन बाद वो आउट हो गए जो काफी दुर्भाग्यशाली रहा। लेकिन अगर वो भी इसी रणनीति के साथ गेंद को एक मीटर की दूरी पर ही खेलते तो खेल का नतीजा कुछ और हो सकता था।