new zealand cricket decision same match fees for men and women cricketers

क्राइस्टचर्च: न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) और खिलाड़ी संघ के बीच पांच साल के ऐतिहासिक करार के बाद विश्व क्रिकेट में पहली बार देश की पुरुष और महिला क्रिकेटरों को सभी फॉर्मेट और प्रतियोगिताओं में समान मैच फीस मिलेगी।

एनजेडसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड वाइट ने बयान में कहा, ‘मैं इस तरह के महत्वपूर्ण समझौते पर पहुंचने में भूमिका के लिए खिलाड़ियों और बड़े संघों को धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘यह हमारे खेल का सबसे महत्वपूर्ण करार है जो एनजेडसी, बड़े संघों और हमारे खिलाड़ी के लिए बाध्यकारी होगा और क्रिकेट में कोष, प्रगति और विकास की आधारशिला रखेगा।’

एनजेडसी, छह बड़े संघों और न्यूजीलैंड क्रिकेट खिलाड़ी संघ के बीच एतिहासिक करार के तहत वाइट फर्न (न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम) और घरेलू महिला खिलाड़ियों को सभी प्रारूपों और प्रतियोगिताओं में पुरुषों के समान मैच फीस मिलेगी।

बयान के अनुसार, ‘‘इसका मतलब है कि शीर्ष रैंकिंग वाली वाइट फर्न को सालाना अधिकतम एक लाख 63 हजार 246 न्यूजीलैंड डॉलर (83 हजार 432 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर), नौवें रैंकिंग की खिलाड़ी को एक लाख 48 हजार 946 न्यूजीलैंड डॉलर (66 हजार 266 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर) और 17वें नंबर की खिलाड़ी को एक लाख 42 हजार 346 न्यूजीलैंड डॉलर (62 हजार 833 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर) तक मिलेंगे।’’

प्रत्येक बड़े संघ की शीर्ष रैंकिंग वाली महिला घरेलू खिलाड़ियों को अधिकतम 19 हजार 146 न्यूजीलैंड डॉलर (तीन हजार 423 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर), छठी रैंकिंग की खिलाड़ी को 18 हजार 646 न्यूजीलैंड डॉलर (तीन हजार 423 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर) और 12वें नंबर की खिलाड़ी को 18 हजार 146 न्यूजीलैंड डॉलर (तीन हजार 423 न्यूजीलैंड डॉलर से बढ़कर) तक मिलेंगे।’

करार के अनुसार घरेलू अनुबंध हासिल करने वाली महिला खिलाड़ियों की संख्या 54 से बढ़कर 72 होगी जबकि पुरुष खिलाड़ियों को अधिक मैच खेलने और ट्रेनिंग तथा खेलने में अधिक समय बिताने के लिए अधिक रिटेनर राशि मिलेगी।

महिला क्रिकेट टीम की कप्तान सोफी डिवाइन ने कहा, ‘यह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू महिला खिलाड़ियों के लिए अच्छा है कि उन्हें पुरुषों के समान करार के साथ मान्यता मिल रही है।’

पुरुष टीम के कप्तान केन विलियमसन ने कहा, ‘यह आगे की दिशा में बढ़ाया गया बड़ा कदम है और इससे युवा महिला और लड़कियां खेल के प्रति आकर्षित होंगी।’