अपने शानदार गेंदबाजी अटैक के दम पर टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक पर कब्जा जमाकर बैठी टीम इंडिया जब न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 10 विकेट से हारी तो हार का ठीकरा बल्लेबाजों के सिर पर ही गिरा। वेलिंगटन टेस्ट में हार के बाद कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी हार की एक बड़ी वजह थी- हमारे बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव नहीं डाला।

मैच प्रेसेंटेशन के दौरान भारतीय कप्तान ने कहा, “पहले दिन, टॉस बेहद साबित हुआ। लेकिन साथ ही साथ हम बतौर बल्लेबाजी यूनिट अपनी प्रतिद्वंदिता पर काफी गर्व करते हैं लेकिन हम यहां उतने प्रतिद्वंदी नहीं थे। मुझे नहीं लगता कि हमने उनके बल्लेबाजों को दबाव में डाला। 220-230 के ऊपर कुछ भी होता और हम अलग ही अंदाज में दिखते। अगर हम उस स्कोर को हासिल कर लेते तो कमियां भी कम ही नजर आती और निचले क्रम के विकेट आसानी से ले पाते।”

न्यूजीलैंड के आखिरी तीन बल्लेबाजों ने भारत को खेल से बाहर किया

मैच के पहले दिन टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को तेज हवाओं के साथ पिच के उछाल और काइल जेमीसन की लेंथ के खतरनाक कॉम्बिनेशन का सामना करना पड़ा। नतीजा ये रहा कि भारतीय बल्लेबाज केवल 165 रन बनाकर ढेर हो गए। टेस्ट मैच में पहली बारी में बड़ा स्कोर बनाना कितना अहम होता है ये कोहली अच्छे से जानते हैं।

टिम साउदी ने झटका पांच-विकेट हॉल; वेलिंगटन में 10 विकेट से हारी टीम इंडिया

मैच के बाद इस पर कप्तान ने कहा, “पहली पारी ने हमें खेल में पीछे कर दिया और उनकी बढ़त ने हमें दबाव में डाल दिया। बतौर गेंदबाजी यूनिट, हम लंबे समय के लिए प्रतिद्वंदी रही। सात विकेट गिरने तक, हम सही थे। उसके बाद विकेट थोड़ा बेहतर भी हुआ। आखिरी के तीन विकेट और उनके बनाए 120 रनों से हमें तकलीफ दी और मैच से बाहर कर दिया।”

जल्द सुधार करेंगे पृथ्वी शॉ

वेलिंगटन टेस्ट में फ्लॉप रही भारतीय सलामी जोड़ी- पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल को लेकर कप्तान ने सकारात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा, “पृथ्वी ने घर से बाहर केवल दो मैच खेले हैं। वो एक स्वाभाविक स्ट्रोक खेलने वाला बल्लेबाज है और जल्द चीजें समझकर फिर से रन बनाएगा।”

उन्होंने कहा, “मयंक दोनों ही पारियों में शानदार था। वो और जिंक्स (अजिंक्य रहाणे) अकेले ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने टेंपरामेंट दिखाया। हमें बतौर बल्लेबाजी यूनिट खुद को बेहतर करने की जरूरत है।”