No aide to state cricket body until they implement Lodha Committee recommendation says amicus curiae PS Narasimha
BCCI Headquarter © Getty Images

न्यायमित्र पीवी नरसिम्हा ने बुधवार को बीसीसीआई की विभिन्न मान्यता प्राप्त इकाइयों से कहा कि वार्षिक अनुदान हासिल करने के लिए राज्य इकाइयों का संविधान पूर्ण रूप से लोढा समिति की सिफारिशों के अनुरूप होना चाहिए लेकिन शीर्ष परिषद के गठन के संदर्भ में थोड़ा लचीलापन हो सकता है।

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गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले नरसिम्हा ने कई अंतरिम अपीलों पर चर्चा के लिए बीसीसीआई की विभिन्न राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उनके गुरुवार को इस संदर्भ में रिपोर्ट सौंपने की संभावना है।

न्यायमूर्ति एसए बोब्डे और न्यायमूर्ति एएम सप्रे की खंडपीठ ने वकील नरसिम्हा को निर्देश दिया था कि वह सदस्य संघों के सभी आवेदनों पर गौर करें जिन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर संपर्क किया है।

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बुधवार को 10 से अधिक राज्य इकाइयों ने नरसिम्हा से मुलाकात की जिसमें पूर्वोत्तर की इकाई भी शामिल है। न्यायमित्र के साथ यह मुलाकात कई इकाइयों के लिए मिश्रित रही।

एक राज्य इकाई के प्रतिनिधि ने बैठक के बाद कहा, ‘‘अधिकांश राज्य इकाइयों का एक समान मुद्दा था और यह अनुदान राशि जारी करना था। न्यायमित्र ने कहा कि अगर राज्य इकाइयों का संविधान पूरी तरह से लोढा सिफारिशों के अनुसार है तो इसमें समस्या नहीं होगी। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि आंशिक अनुपालन से काम नहीं चलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ राज्य पहले ही लोढा सिफारिशों का पूर्ण पालन कर चुके हैं और प्रशासकों की समिति ने आश्वासन दिया है कि इन इकाइयों को अनुदान जारी किया जाएगा।’’

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न्यायमित्र हालांकि शीर्ष परिषद के संयोजन के मुद्दे पर विचार करने के लिए राजी हो गए। हालांकि मंत्रियों या नौकरशाहों के अलावा अन्य के पदाधिकारी बनने को लेकर 70 साल की समय सीमा और ब्रेक के समय को लेकर कोई राहत नहीं दी जाएगी