BCCI ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप

ऑस्ट्रेलिया की तीन खिलाड़ियों मेग लैनिंग, एलिस पैरी और एलिसा हीली को महिला आईपीएल में हिस्सा लेना था लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें रोक दिया।

Edited By : Press Trust of India |Apr 26, 2019, 08:50 PM IST

Published On Apr 26, 2019, 08:50 PM IST

Last UpdatedApr 26, 2019, 08:50 PM IST

Trailblazers players Smriti Mandhana and Poonam Yadav @IANS

ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर्स को उनके बोर्ड ने बीसीसीआई के साथ पुरूष द्विपक्षीय सीरीज को लेकर चल रहे विवाद के कारण महिलाओं के टी20 चैलेंज में भाग लेने से रोक दिया। भारतीय बोर्ड का कहना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ‘ब्लैकमेल’ कर रहा था।

ऑस्ट्रेलिया की तीन खिलाड़ियों मेग लैनिंग, एलिस पैरी और एलिसा हीली को महिला आईपीएल में हिस्सा लेना था लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें रोक दिया। इस टूर्नामेंट के मैच छह से 11 मई के बीच जयपुर में खेले जाएंगे।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

पढ़ें:- महिला IPL में मिताली-स्‍मृति-हरमनप्रीत को मिली कमान

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टॉप अधिकारी बेलिंडा क्लार्क (पूर्व कप्तान) के ईमेल से जाहिर होता है कि इन तीनों को रोकना पुरूष की वनडे सीरीज टालने के लिए दबाव की रणनीति है। भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) के अनुसार ऑस्ट्रेलिया को जनवरी 2020 में तीन वनडे खेलने हैं जबकि इस दौरान ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट सीजन अपने चरम पर होता है।

क्लार्क ने आईपीएल संचालन दल को पत्र में लिखा है, ‘‘हम अनुरोध पर तभी विचार करने की स्थिति में रहेंगे जबकि जनवरी 2020 के आखिर में एफटीपी के अनुसार होने वाली पुरूषों की वनडे सीरीज के जुड़े वर्तमान मामले को राहुल (बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी) और केविन (सीए सीईओ केविन राबर्ट्स) सुलझा नहीं देते। मुझे लगता है कि अभी इस पर काम चल रहा है।’’

पढ़ें:- BCCI ने जारी किया महिला टी20 टूर्नामेंट का शेड्यूल, जाने पूरा कार्यक्रम

बीसीसीआई ने महिला खिलाड़ियों को अनुमति देने के लिए शर्तें रखने पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की आलोचना की। बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘अगर आप बेलिंडा के पत्र की विषय वस्तु को देखो तो स्पष्ट है कि वे ब्लैकमेल की रणनीति अपना रहे हैं। महिला खिलाड़ियों को अनुमति देने को कैसे पुरूषों की सीरीज से जोड़ा जा सकता है। यह एफटीपी में स्वीकार किया गया है और अब वे उससे पीछे हट रहे हैं।’’

बीसीसीआई की आईपीएल संचालन टीम ने सीए को तीन खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देने के लिए चार अप्रैल को पत्र लिखा था और क्लार्क का ईमेल उसके एक दिन बाद पांच अप्रैल को आया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘पांच अप्रैल के बाद सीए की तरफ से कोई संवाद नहीं हुआ और ऐसे में हमारे पास टीम घोषित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। पुरूष क्रिकेट से जुड़े मसले को निबटाने के लिए महिला खिलाड़ियों को मोहरा बनाना गलत है।’’

Editor's Pick