No delay in Prithvi Shaw’s case from our side: BCCI
पृथ्वी शॉ © Getty Images

डोप टेस्ट में फेल होने के बाद 8 महीने का बैन झेल रहे युवा भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के मामले में भारतीय क्रिकेट बोर्ड किसी तरह की लापरवाही नहीं दिखाना चाहता है। बोर्ड की तरफ से ये कहा गया है कि अगर उन्हें नेशनल डोप टेस्टिंग लैब से पृथ्वी की रिपोर्ट पहले मिल गई होती तो वो इस खिलाड़ी को इस साल के आईपीएल और मुंबई टी20 लीग में हिस्सा लेने से रोक देते।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में बोर्ड के एंडी डोपिंग मैनेजर डॉक्टर अभिजीत साल्वी के हवाले से कहा गया कि एनडीटीएल ने पृथ्वी के प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने की रिपोर्ट बोर्ड को 2 मई को दी। तब तक आईपीएल टूर्नामेंट अपने चरम पर पहुंच चुका था। वहीं पूरी लैब रिपोर्ट को बोर्ड तक पहुंचने में 15 और दिन (17 मई) लगे, जिसके बाद ही आगे की कार्यवाई शुरू की जा सकी।

डोप टेस्‍ट में फेल हुए पृथ्‍वी शॉ, BCCI ने 8 महीने का लगाया बैन

डॉक्टर साल्वी ने कहा, “हमारी तरफ से कोई देरी नहीं हुई है। देरी लैब रिपोर्ट हासिल करने में हुई थी। उन्हें 10 दिन के अंदर रिपोर्ट देनी थी लेकिन तकनीकि कारणों की वजह से देरी हुई और फिर 2 मई को हमें रिपोर्ट मिली। हम उसे (आईपीएल और टी20 लीग में हिस्सा लेने से) रोक सकते थे, हमारे पास उसे खेलने की इजाजत देने का कोई कारण नहीं था। हमने रिपोर्ट की कॉपी आईसीसी और वाडा को भेजी है। अगर वाडा को लगता है कि हमने कुछ गलत किया है तो वो हमारे खिलाफ फैसला लेंगे।”

आठ महीने के लिए बैन लगने के बाद पृथ्‍वी शॉ ने दी प्रतिक्रिया

प्रतिबंधित पदार्थ ‘टरबुटैलाइन’ के सेवन मामले में शॉ ने कहा है कि दवा लेने से पहले उन्हें नहीं पता था कि उसमें इस तरह का कोई पदार्थ है। बता दें कि ‘टरबुटैलाइन’ आमतौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है। आठ महीने के बैन के चलते शॉ बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।