अजिंक्य रहाणे और करुण नायर    © Getty Images
अजिंक्य रहाणे और करुण नायर © Getty Images

भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले ने गुरुवार को ये साफ कर दिया कि तिहरा शतक जड़ने वाले करुण नायर को दो साल से बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे अजिंक्य रहाणे की जगह टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। रहाणे इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके थे और अंततः उन्हें हाथ फ्रेक्चर होने के कारण बाहर हो जाना पड़ा था। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पुणे टेस्ट में वह सिर्फ 13 और 18 रन बनाने में कामयाब हुए। इस टेस्ट में टीम इंडिया को 333 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा है।

रहाणे के पिछले पांच मैचों में प्रदर्शन पर नजर दौड़ाई जाए तो उन्होंने महज 204 रन ही बनाए हैं। शनिवार को शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच से पहले अनिल कुंबले ने रिपोर्टरों से कहा, “रहाणे को अंतिम एकादश से बाहर बिठाने का सवाल ही नहीं पैदा होता। उन्होंने अच्छा स्कोर किया है, वह पिछले कुछ सालों से अच्छे- खासे सफल रहे हैं। टीम सामंजस्य को देखते हुए हमने इस संबंध में चर्चा नहीं की है। सभी 16 खिलाड़ी उपलब्ध हैं।”

कुंबले ने इस बात को भी बताया कि ये दुर्भाग्यशाली है कि नायर को अंतिम एकादश से बाहर बैठना पड़ रहा है। कुंबले ने कहा, “यह, दुर्भाग्यशाली है कि करुण नायर को तिहरा शतक जड़ने के बाद टीम से बाहर बैठना पड़ा। लेकिन यही टीम का संयोजन था। हमने हमेशा पांच गेंदबाजों के साथ खेलने की रणनीति अपनाई है। और ये दुर्भाग्यशाली है कि उन्हें किसी का प्रतिस्थापन(रीप्लेसमेंट) बनना पड़ा। वैसे इस तरह के विकल्प टीम में होना अच्छी बात है। लोग एक सूमह में सफल रहे हैं। यही इस ग्रुप(समूह) की खूबसूरती है। जो भी आता है बहुत अच्छा करता है। लेकिन कुछ ऐसे मौके भी आते हैं जब लोगों को टीम संयोजन के चलते बाहर बैठना पड़ता है। लेकिन करुण एक क्लासिक बल्लेबाज हैं और हम इस बात को ध्यान में रखे हुए हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितने कम मौके मिले हैं।”

क्या टीम पांच गेंदबाजों के साथ आने वाले टेस्ट मैच में उतरेगी तो इस पर अनिल कुंबले ने कहा कि वे सही संयोजन के साथ मैच में उतरेंगे। कुंबले ने कहा, “यह निर्भर करता है कि हम मैच जीतने के लिए किस सही संयोजन पर भरोसा करते हैं। अगर हमें लगता है कि चार गेंदबाज बहुत हैं या पांच गेंदबाजों की जरूरत है। ये चार और पांच गेंदबाज कौन होंगे ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या देख रहे हैं। हमारा उद्देश्य मैच जीतने का है।”[ये भी पढ़ें: हॉलीवुड अभिनेता ह्यू जैकमैन ने भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति जताया समर्थन]

चिन्नास्वामी के विकेट के बारे में बातचीत करते हुए कुंबले ने कहा कि वह निर्णय देने वाले ट्रेक की उम्मीद कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि चिन्नास्वामी का विकेट कितना आसान होगा। मैं इस मैदान में खेलते हए बड़ा हुआ हूं। लेकिन ये सामान्यतः बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट रहा है। मुझे लगता है कि इस विकेट पर रिजल्ट आएगा और यही हम इस मैच में चाहते हैं।”

कुंबले ने कहा कि पिच की परिस्थितियों ने उन्हें उनके क्रिकेट खेलने के दौरान कभी परेशान नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने खेलने वाले दिनों के दौरान पिच पर कभी नहीं देखा। लोगों ने पिच के हिसाब से मेरी गेंदेबाजी को लेकर बहुत लिखा। लेकिन एक गेंदबाज, कप्तान या कोच के तौर पर मैंने पिच पर देखने की जहमत नहीं दिखाई। हां, हम वहां जाते हैं। पिच को देखते हैं और वह करके आते हैं जो हमें करने की जरूरत होती हैं। और हम पिच को देखकर जो समझते हैं उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार करते हैं।”

टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों पुणे टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था। और इस तरह टीम इंडिया का लगातार 19 मैचों में बिना किसी हार सिलसिला टूट गया। कुंबले कहते हैं कि कि खिलाड़ी परिस्थितियों के अनुकूल अपने आपको ढालने में नाकामयाब रहे। कुंबले ने कहा, “मैं पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहता। हम यहां आगे की राह को देख रहे हैं। बतौर कोच ये मेरे लिए महत्वपूर्ण है कि मैं आगे को देखूं। यह एक वो मैच था जिसमें चीजें हमारे हिसाब से नहीं हुईं। लेकिन आपको आगे चलने की जरूरत होती है। इस टेस्ट सीरीज में अभी 3 टेस्ट और खेले जाने हैं। जो भी हुआ वो हो चुका है और दब चुका है। आपको उस बारे में ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए।”