No Saliva, 5-run penalty, Covid-19 substitute: ICC approves interim changes to playing regulations
Test Balls @ Icc

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने टेस्ट मैच के दौरान किसी खिलाड़ी में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर उसकी जगह स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने की अनुमति दे दी है। कोविड-19 महामारी के खतरे के मद्देनजर खेलने के नियमों में अंतरिम बदलावों के तहत गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर अस्थायी प्रतिबंध और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में स्थानीय अंपायरों को भी मंजूरी दे दी गई।

कोविड-19 महामारी के बीच इंग्लैंड पहुंची विंडीज टीम, 3 मैचों की खेलेगी टेस्ट सीरीज

अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली क्रिकेट समिति ने ये सुझाव दिए थे ताकि क्रिकेट बहाल होने पर कोरोना महामारी के चलते खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसे आईसीसी के मुख्य कार्यकारियों की समिति ने मंजूरी दे दी। टीमों को एक अतिरिक्त डीआरएस भी मिलेगा क्योंकि अब से द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखलाओं में स्थानीय अंपायर होंगे।

32 इंच के अतिरिक्त लोगो की अनुमति मिली 

इसके अलावा खिलाड़ियों की जर्सी पर 32 इंच के अतिरिक्त लोगो की भी अनुमति दे दी गई है ताकि कोरोना संकट के कारण आर्थिक नुकसान उठा रहे बोर्ड कमाई कर सकें।

विकल्प खिलाड़ी उतारने का मौका 

इसने एक बयान में कहा, ‘टेस्ट मैच के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का विकल्प रहेगा। कनकशन विकल्प की तरह मैच रैफरी इसके विकल्प को मंजूरी देंगे।’ इसमें यह भी कहा गया, ‘यह नियम वनडे या टी20 में लागू नहीं होगा।’

खेलने के नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कोरोना महामारी के चलते ‘अंतरराष्ट्रीय यात्रा में लाजिस्टिक की चुनौतियों’ का हवाला देते हुए द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में स्थानीय अंपायरों को भी मंजूरी दे दी। ऐसा करीब दो दशक बाद होगा कि घरेलू अंपायर मैच में रहेंगे। इसके मायने हैं कि भारत के सी शमसुद्दीन, अनिल चौधरी और नितिन मेनन इंग्लैंड के खिलाफ अगले साल घरेलू श्रृंखला में अंपायरिंग करेंगे जबकि जवागल श्रीनाथ मैच रैफरी होंगे।

अतिरिक्त डीआरएस मिलेगा 

स्थानीय अंपायरों की अनुभवहीनता को देखते हुए दोनों टीमों को एक एक अतिरिक्त डीआरएस मिलेगा। आईसीसी क्रिकेट संचालन टीम स्थानीय मैच रैफरियों की मदद करेगी। एलीट पैनल का एक तटस्थ मैच रैफरी वीडियो लिंक से सुनवाई कर सकेगा।

पांच रन पेनाल्टी के मिलेंगे 

समिति ने गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर रोक को भी मंजूरी दी क्योंकि लार से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा रहता है जबकि पसीने में यह खतरा नहीं है। खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए पसीने का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रतिबंध का बार-बार उल्लंघन करने पर पहले चेतावनी मिलेगी और फिर पांच रन की पेनल्टी लगाई जाएगी।

आईसीसी ने कहा ,‘खिलाड़ियों को गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल की अनुमति नहीं रहेगी। खिलाड़ी अगर ऐसा करता है तो अंपायर शुरू में कुछ समय रियायत देंगे लेकिन बार बार उल्लंघन पर टीम को चेतावनी दी जाएगी।’

इसमें कहा गया, ‘टीम को दो चेतावनी मिलेगी लेकिन बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम पर पांच रन की पेनल्टी लगाई जाएगी। गेंद पर जब भी लार लगाई जाएगी तो अंपायरों को उसे साफ करने के निर्देश रहेंगे।’