संन्यास लेने के बाद पाक गेंदबाज ने कहा- भारत को 2011 विश्व कप सेमीफाइनल में नहीं हरा पाने का अफसोस

भारतीय क्रिकेट टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2011 का विश्व कप जीता था।

Edited By : India.com Staff |Oct 29, 2020, 02:56 PM IST

Published On Oct 29, 2020, 02:56 PM IST

Last UpdatedOct 29, 2020, 02:56 PM IST

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले पाकिस्तानी तेज गेंदबाज उमर गुल (Umar Gul) ने कहा कि साल 2011 विश्व कप सेमीफाइनल में भारतीय टीम को ना हरा पाने का अफसोस उन्हें जिंदगी भर रहेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने भारत को विश्व कप इतिहास में एक भी बार नहीं हराया है।

साल 2011 का विश्व कप संयुक्त रूप से भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में आयोजित किया गया था। 30 मार्च को मोहाली में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर भारत ने टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था। और फिर 2 अप्रैल को श्रीलंका को हरा टीम इंडिया ने दूसरा वनडे विश्व कप जीता था।

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पाकपैशन से बातचीत में गुल कहा, “अगर आप क्रिकेट करियर की बात करें तो मेरे मन में सिर्फ और सिर्फ इस बात का अफसोस रहता है कि हम मोहाली में सेमीफाइनल में भारत को नहीं हरा सके थे। उस मैच से पहले हम टूर्नामेंट में शानदार खेले लेकिन एक मैच ने हमारी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।”

पाकिस्तान के लिए 427 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले गुल ने कहा कि अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हारता तो उनकी टीम उस साल ट्रॉफी भी जीत सकती थी।

गुल ने कहा, “मुझे लगता है कि अगर हम सेमीफाइनल नहीं हारते, तो हम 2011 विश्व कप जीतने के लिए काबिल थे। जाहिर है कि आप कहेंगे कि ये तो खेल का हिस्सा है लेकिन मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि हमने पाकिस्तान के लिए दूसरा विश्व कप जीतने का सुनहरा मौका गंवा दिया।”

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