राहुल द्रविड़ © AFP
राहुल द्रविड़ © AFP

जब से बीसीसीआई की प्रशासनिक समिति ने सभी राष्ट्रीय कोचों के लिए दो साल का नया कॉन्ट्रेक्ट लाने का फैसला किया है राहुल द्रविड़ की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालांकि अब ये बात सामने आई है कि इस फैसले से द्रविड़ के साथ दूसरे राष्ट्रीय कोच और सपोर्ट स्टाफ भी प्रभावित होंगे। द्रविड़ जो कि भारत ए और अंडर-19 टीम के साथ साथ आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम की कोचिंग भी करते हैं इस मुद्दे से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं वेस्टइंडीज में टीम इंडिया के साथ मौजूद बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़, गेंदबाजी कोच आर श्रीधर और दूसरे सपोर्ट स्टाफ जैसे फीजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर और थेरेपिस्ट जो कि अलग अलग आईपीएल टीमों से जुड़े हैं को भी इस मामले से निपटना पड़ेगा।

सीओए का नया कॉन्ट्रेक्ट लागू होने की स्थिति में उन्हें आईपीएल और राष्ट्रीय टीम में से किसी एक को चुनना पड़ेगा। खबरें है कि स्टाफ की मांग है कि घरेलू टूर्नामेंट्स को छोड़ने पर उन्हें अतिरिक्त वेतन दिया जाय। वहीं अगर ऐसा ना किया गया तो मुमकिन है कि कई सारे सदस्य एक साथ टीम को छोड़ सकते हैं, ऐसे में बोर्ड की परेशानी काफी बढ़ जाएगी। एक अंग्रेजी अखबार ने इस मुद्दे पर एक बीसीसीआई अधिकारी के हवाले से लिखा है कि, “इस समय दुनियाभर में कई सारी टी20 लीग हो रही हैं। वेस्टइंडीज, भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अब साउथ अफ्रीका में भी इस तरह के टूर्नामेंट की शुरुआत हो चुकी है। अभी तक टीम इंडिया और आईपीएल दोनों से पर्याप्त भुगतान मिल जाता था लेकिन आईपीएल में हिस्सा ना ले पाने पर स्थिति बिगड़ सकती है। सभी पेशेवर स्टाफ सदस्यों के साथ कई विकल्प हैं और बीसीसीआई के लिए उन्हें रोक पाना मुश्किल है।” [ये भी पढ़ें: रवि शास्त्री के टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन करने पर क्या बोले सौरव गांगुली]

बोर्ड पहले ही राहुल द्रविड़ से संबंधित हितों के टकराव मुद्दे का हल निकाल रहा है और अब उसके सामने ये परेशानी खड़ी हो गई है। बीसीसीआई को सीओए के साथ मिलकर इसे सुलझाना होगा।