T20 विश्व कप से पहले खिलाड़ियों के लिए ब्रेक मांगना मेरा काम नहीं था: रवि शास्त्री

यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का सफर खत्म होने के साथ टीम के साथ बतौर कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल भी खत्म हो गया है।

Edited By : India.com Staff |Nov 09, 2021, 01:17 PM IST

Published On Nov 09, 2021, 01:17 PM IST

Last UpdatedNov 09, 2021, 01:17 PM IST

भारतीय कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने माना कि टी20 विश्व कप और आईपीएल के बीच ज्यादा गैप ना मिल पाने की वजह से टीम इंडिया के खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने में नाकाम रहे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि टी20 विश्व कप से पहले खिलाड़ियों के लिए किसी तरह का ब्रेक को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रशासकों से संपर्क करना उनका काम नहीं था।

नामिबिया के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने विश्व कप से पहले कुछ खिलाड़ियों को किसी तरह का ब्रेक दिलाने के लिए क्रिकेट प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की, शास्त्री ने कहा कि ये ऐसा फैसला है, जो प्रशासकों को करना है।

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शास्त्री ने कहा, “सबसे पहले, ये मेरा काम नहीं है। ये कुछ ऐसा है जो प्रशासक है, ना केवल भारत से, बल्कि दुनिया भर के तमाम लोग जो बड़े टूनार्मेंटों से पहले इसकी देखरेख करते हैं, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि खिलाड़ियों को खेल के बीच में थोड़ा समय मिल सके, और वो हमेशा तरोताजा रह सकें।”

उन्होंने कहा कि जहां तक मुख्य कोच के रूप में उनके पांच साल के कार्यकाल का सवाल है, उन्होंने खिलाड़ियों के साथ हमेशा लचीला रूख रखा, अगर वो वास्तव में एक ब्रेक चाहते हैं, तो उन्हें आश्वासन दिया कि वे वापस आकर अपनी जगह वापस ले सकते हैं।

शास्त्री ने कहा, “हमारे बीच संवाद हमेशा फ्री था, हर कोई बोलने के लिए स्वतंत्र था। किसी को भी जूनियर के रूप में नहीं माना जाता था। कोई जूनियर या सीनियर नहीं था और सभी को अपनी बात कहने की पूरी आजादी थी।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से एक यात्रा है। मुझे पता है कि यह ड्रेसिंग रूम में मेरा आखिरी दिन है। मैंने अभी लड़कों से बात की है। लेकिन मैं मुझे यह मौका देने के लिए बीसीसीआई को धन्यवाद देना चाहता हूं, यह विश्वास करते हुए कि मैं काम कर सकता था।”

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