पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) इन दिनों अपनी नेशनल टीम की सिलेक्शन प्रक्रिया से खुश नहीं हैं. उनका मानना है कि पाकिस्तान की टीम के लिए खेलना अब बहुत आसान हो गया है, जिससे उनके देश के क्रिकेट के स्तर में कमी आ रही है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अब एक-दो अच्छी पारियों के बाद ही इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिल जाता है, जो गलत है. अफरीदी ने कहा कि खिलाड़ियों को कम से कम दो तीन सीजन घरेलू क्रिकेट में परखने के बाद ही इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका देना चाहिए.

41 वर्षीय इस पूर्व ऑलराउंडर ने एक समारोह के दौरान नेशनल टीम की सिलेक्शन नीति पर ये गंभीर सवाल साधे. वह टेस्ट और सीमित ओवरों की सीरीज में चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे. इस दौरान वह विशेष रूप से सीमित ओवरों की पाकिस्तान की टीम में खिलाड़ियों को लगातार बदलने और पदार्पण कराने की आलोचना कर रहे थे.

अफरीदी ने कहा, ‘नेशनल टीम की ओर से खेलना इतना आसान हो गया है, जबकि अतीत में पाकिस्तान टीम की ओर से खेलना किसी भी पेशेवर क्रिकेटर का सर्वोच्च लक्ष्य होता था.’

अफरीदी ने कहा कि पाकिस्तान टीम में जगह बनाना इतना आसान हो गया है कि घरेलू क्रिकेट में बेहद कम अनुभव वाले खिलाड़ियों को भी जल्दबाजी में टीम में शामिल किया जाता है और फिर बाहर कर दिया जाता है.

इस ऑलराउंडर का मानना है कि राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए नाम पर विचार से पहले प्रत्येक खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में कम से कम दो या तीन साल खेलने का अनुभव देना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘हमने खिलाड़ियों के लिए देश का प्रतिनिधित्व करना इतना आसान क्यों बना दिया है. मुझे यह देखकर दुख होता है कि घरेलू क्रिकेट हो या फिर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में एक या दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के बाद खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में जगह मिल जाती है.’ उन्होंने कहा, ‘यह क्या है. आपको अपने क्रिकेटरों को घरेलू क्रिकेट में खिलाना चाहिए.’

अफरीदी ने कहा कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों को कम से कम दो से तीन साल का अनुभव देना चाहिए और इसके बाद ही चयनकर्ता उसकी प्रतिभा, धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता पर फैसला करें.

(इनपुट : भाषा)