लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की ओर से अपना इंटरनेशल डेब्यू करने वाले ऑलराउंडर खिलाड़ी ऑली रॉबिन्सन (Ollie Robinson) पर इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बैन लगा दिया है. डेब्यू करने के दिन से ही सोशल मीडिया पर उनके कुछ पुराने विवादित ट्वीट वायरल होने लगे थे. साल 2012 और 2012 में ऑली ने नस्लीय और लैंगिक भेदभाव वाले कुछ ट्वीट किए थे, जो अब वायरल हो रहे थे.

इन विवादित ट्वीट्स को लेकर इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक अनुशासनात्म जांच बैठाई है. जब तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब ससेक्स का यह 27 वर्षीय युवा खिलाड़ी इंग्लैंड की टीम में नहीं खेल पाएगा.

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रविवार को लॉर्ड्स टेस्ट ड्रॉ होने के बाद इसीबी ने इस मुद्दे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया, ‘रॉबिन्सन अब दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे और उन्हें तुरंत इग्लैंड की टीम छोड़नी होगी.’

इस युवा ऑलराउंडर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ किए अपने डेब्यू मैच में शानदार खेल दिखाया था. इंग्लैंड के लिए उन्होंने कुल 7 विकेट अपने नाम किए और बल्लेबाजी में भी 42 रनों का अहम योगदान दिया. मैच के बाद कप्तान जो रूट ने भी उनके खेल की तारीफ की थी. जो रूट ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी के पास वह प्रतिभा है, जिसकी टेस्ट क्रिकेट में दरकार होती है.

इस युवा खिलाड़ी ने मैच के पहले ही दिन जब अपने ये पुराने विवादित ट्वीट्स वायरल होते देखे थे, तब इस घटना पर खेद भी जताया था. उन्होंने कहा था कि ये पुराने ट्वीट हैं, जो उन्होंने तब किए थे जब वह किशोर उम्र के थे. लेकिन असल में वह नस्लीय या लैंगिक भेदभाव करने वाले व्यक्ति नहीं हैं.

उन्होंने अपने इन पुराने ट्वीट्स में मुस्लिम समुदाय और एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ नफरत भरे ट्वीट किए थे. जैसे ही उन्हें इंग्लैंड की टीम के लिए खेलने का मौका मिला उनके ये पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर छा गए.