On This Day: जब कोई भी बल्लेबाज नहीं बना सका 25 रन तब कपिल देव ने जड़े थे ताबड़तोड़ 175 रन
कपिल देव 175 रन बनाकर नाबाद रहे और उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 60 ओवर में 8 विकेट खोकर 266 रनों का स्कोर खड़ा किया।
Published On Jun 18, 2022, 06:07 PM IST
Last UpdatedJun 18, 2022, 06:07 PM IST
BCCI
साल 1983, भारतीय खेलों के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी साल भारतीय क्रिकेट ने क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। फाइनल में भारत ने दुनिया की सबसे मजबूत टीम वेस्टइंडीज को मात देकर वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था।
भारतीय टीम ने भले ही फाइनल जीतने के बाद वर्ल्ड कप उठाया हो लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उसे एक करिश्माई और बेहद रोमांचक मैच से होकर गुजरना पड़ा। ये मुकाबला था भारत बनाम जिम्बाब्वे, जो 18 जून 1983 को टनब्रिज वेल्स में खेला गया। इस मुकाबले में जब कोई भी भारतीय बल्लेबाज 25 रन के आंकड़े क पार नहीं कर पाया तब भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव ने महज 138 गेंदों पर 16 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 175 रनों की पारी खेलते हुए इतिहास बना दिया।
इस मुकाबले में कपिल देव उस समय बल्लेबाजी करने उतरे जब टीम ने 17 रन के स्कोर पर 5 विकेट गंवा दिए थे। उसके बाद टनब्रिज वेल्स के मैदान पर कपिल देव के तूफान ने जिम्बाब्वे को चारों खाने चित्त कर दिया।
कपिल देव 175 रन बनाकर नाबाद रहे और उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 60 ओवर में 8 विकेट खोकर 266 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 235 रनों पर ढेर हो गई। इस तरह भारत ने 31 रनों से मैच अपने नाम कर लिया और फिर फाइनल में जीत के साथ वर्ल्ड कप पर पहली बार कब्जा किया।
Talk about leading from the front! 🙌 🙌
🗓️ #OnThisDay in 1983, captain @therealkapildev slammed 1⃣6⃣ Fours & 6⃣ Sixes to hammer 1⃣7⃣5⃣* off 1⃣3⃣8⃣ balls against Zimbabwe in the 1983 World Cup at the Tunbridge Wells. #TeamIndia 🇮🇳 pic.twitter.com/PIvoRrI64z
— BCCI (@BCCI) June 18, 2022
कपिल देव की 175 रनों की पारी को आज भी वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में शुमार किया जाता है। यही नहीं, कपिल देव का ये शतक भारत की तरफ से वनडे क्रिकेट में पहला शतक भी था। दुर्भाग्य की बात ये है कि आज इस मुकाबले की कोई भी फुटेज मौजूद नहीं है क्योंकि जिस दिन ये मैच खेला गया उस दिन ब्रॉडकास्ट करने वाली बीबीसी की हड़ताल थी।