our world cup team is almost 95 percent final says indian team captain rohit sharma
rohit sharma

दुबई: एशिया कप (Asia Cup) में जल्दी बाहर होने की कगार पर खड़ी भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) को लचर प्रदर्शन के कारण आलोचकों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन कप्तान रोहित शर्मा (Indian Cricket Team Captain Rohit Sharma) ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले विश्वकप के लिए टीम लगभग तय हो चुकी है।

अस्वस्थ आवेश खान और चोटिल रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की अनुपस्थिति में भारत के पास भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) और अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) के रूप में केवल दो अग्रणी तेज गेंदबाज मौजूद हैं। हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) तेज गेंदबाजी के तीसरे विकल्प हैं।

आक्रमण में धार नहीं होने के कारण भारत को एशिया कप (Asia Cup) सुपर चार में पाकिस्तान और श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय गेंदबाज क्रमशः 181 और 173 रन का बचाव नहीं कर पाए थे।

रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ हार के बाद कहा, ‘विश्वकप के लिए हमारी 90 से 95 प्रतिशत टीम तय है।’

कप्तान ने कहा कि वह एशिया कप में कुछ प्रयोग करना चाहते थे और यह देखना चाहते थे कि चार विशेषज्ञ गेंदबाजों का उपयोग करने पर क्या होता है।

रोहित ने कहा, ‘जब आप प्रयोग की बात करते हैं तो हम कुछ चीजें आजमाना चाहते थे। अगर आप एशिया कप से पहले हमारे संयोजन को देखें तो हम चार तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ खेल रहे थे। इसमें दूसरा स्पिनर ऑलराउंडर था।’

उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा प्रयास करना चाहता हूं और यह देखना चाहता हूं अगर हम तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ खेलते हैं तो क्या होता है। इनमें तीसरा स्पिनर ऑलराउंडर होगा। हम अभी इसकी जवाब की तलाश में हैं।’

टीम प्रबंधन विशेष तौर पर यह देखना चाहता था कि हार्दिक तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में टीम संयोजन में फिट है कि नहीं।

रोहित ने कहा, ‘मैं विश्वकप के लिए तैयार होना चाहता हूं जहां आप को कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। जब आप विश्व कप जैसी प्रतियोगिता में खेलने के लिए जाते हैं तो सभी चीजों के जवाब आपके पास होने चाहिए। हार्दिक पंड्या की वापसी हो गई है और इसलिए हम तीन तेज गेंदबाजों के साथ खेल सकते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘यह जानना अच्छा रहा कि तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ खेलने से क्या हो सकता है। इन हार से हमें कई चीजें सीखने को मिली।’

रोहित ने एक तरफ तो कहा कि विश्वकप के लिए 95 प्रतिशत टीम तय है वहीं दूसरी तरफ कहा कि उन्हें अभी कुछ चीजों के जवाब तलाशने हैं।

उन्होंने कहा, ‘कई ऐसे सवाल हैं जिनके हमें जवाब चाहिए और इस दौरान हमने जो तीन चार श्रृंखलाएं खेली उन्हें हमें कुछ जवाब मिले। अभी यह कहने में समय है कि विश्वकप के लिए हम यह संयोजन चाहते हैं। अभी हमने विश्व कप से पहले दो सीरीज और खेलनी हैं। हम टीम घोषित होने से पहले कुछ अन्य खिलाड़ियों को आजमा सकते हैं।’

रोहित से लगातार इस पर सवाल किए गए कि दीपक हुड्डा को जब एक भी ओवर नहीं दिया गया तो फिर उन्हें सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए क्यों भेजा गया।

उन्होंने कहा, ‘हां हमारे पास गेंदबाजी में छठा विकल्प था लेकिन हम पांच विकल्पों को ही आजमाना चाहते थे और यह देखने चाहते थे कि क्या होता है और क्या नहीं होता है। यदि हमें जल्दी विकेट मिल जाते तो हम हुड्डा को जरूर भेज देते। ऐसी मेरी रणनीति थी। छह विकल्प होना हमेशा अच्छा होता है।’

रोहित ने कहा कि दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज का संयोजन बनाने के लिए दिनेश कार्तिक को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। उनकी जगह ऋषभ पंत को टीम में लिया गया लेकिन वह मौकों का फायदा नहीं उठा पाए।

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हम मध्यक्रम में बाएं हाथ का बल्लेबाज चाहते थे और इसलिए दिनेश कार्तिक को बाहर रखा गया। उनकी फॉर्म को देखकर यह फैसला नहीं किया गया। हम दबाव बनाने के लिए मध्यक्रम में बाएं हाथ का बल्लेबाज चाहते थे लेकिन हम दबाव नहीं बना पाए।’

भारत भले ही फाइनल में जगह बनाने की स्थिति में नहीं है लेकिन रोहित ने कहा कि टीम में कुछ भी गलत नहीं है और वह जिस तरह से खेल रही है वह भी गलत नहीं है।

रोहित ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कुछ गलत है। बाहर से लोग किस नजरिए से देख रहे हैं लेकिन हमें कुछ गलत नजर नहीं आता है।’