Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - February 1, 2026 9:57 PM IST

लाहौर: पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आईसीसी टी20 विश्व कप के अपने ग्रुप लीग मुकाबले के बहिष्कार के फैसले की रविवार को औपचारिक घोषणा कर दी. लेकिन सरकार ने सात फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के बाकी मैचों में राष्ट्रीय टीम की भागीदारी को मंजूरी दे दी है. यह एक ऐसा कदम, जिसके दूरगामी असर पड़ने की संभावना है.
पाकिस्तान सरकार के इस फैसले को इस विश्व कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किये जाने के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से श्रीलंका ट्रांसफर करने की मांग की थी लेकिन आईसीसी ने उसे ठुकरा दिया था.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पहले कहा था कि वह इस फैसले के बाद टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी की समीक्षा करेगा, क्योंकि वह बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखा रहा है.
पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि उसने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है, लेकिन टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में ‘मैदान पर नहीं उतरेगी’.
इस फैसले के साथ टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर चल रही अटकलों का दौर समाप्त हो गया है. भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहे इस टूर्नामेंट के बीच यह फैसला क्षेत्र में बढ़े राजनीतिक तनाव के माहौल में सामने आया है.
सरकार ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की भागीदारी को मंजूरी देती है, हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी.’
भारत-पाकिस्तान मुकाबले का किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा इंतजार किया जाता है. दुनिया में सबसे ज्यादा दर्शक इसी क्रिकेट मैच को मिलते हैं. स्पान्सर्स और ब्रॉडकास्टर को भी इससे काफी मुनाफा होता है.

इस मुकाबले के बहिष्कार से आईसीसी के सामने लॉजिस्टिक और नियामकीय चुनौतियां खड़ी होने की आशंका है, क्योंकि टूर्नामेंट के कार्यक्रम, विपणन और व्यावसायिक रणनीति का बड़ा हिस्सा इसी मुकाबले के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है.
वॉकओवर की स्थिति में भारत को पूरे अंक मिल जाएंगे, लेकिन आईसीसी के पास पीसीबी पर वित्तीय जुर्माना लगाने का अधिकार भी बना रहेगा.
पाकिस्तान सात फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा, इसके बाद 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगा. पाकिस्तान के सभी मुकाबले कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेले जाएंगे.
वर्तमान गतिरोध की शुरुआत आईसीसी के उस फैसले से हुई, जिसमें सुरक्षा आश्वासनों को स्वीकार करने से इनकार करने और अपने सभी मैच श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया.
इस फैसले के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलीं, हालांकि पाकिस्तान के कई पूर्व खिलाड़ियों और अधिकारियों ने ऐसे किसी कदम के खिलाफ सलाह दी थी, जिससे देश के क्रिकेट को नुकसान पहुंचे.
पीसीबी या सरकार ने हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अगर प्रतियोगिता के नॉकआउट चरण में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आते हैं तो उस स्थिति में क्या रुख अपनाया जाएगा.
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