साल 2012 के दौरे पर पाक खिलाड़ियों पर नजर रखने के लिए उनकी पत्नियों को भारत भेजा गया था'

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने 2012-13 में तीन वनडे और दो टी20 मैचों के लिए आखिरी बार भारत का दौरा किया था

Edited By : India.com Staff |Apr 15, 2022, 10:11 AM IST

Published On Apr 15, 2022, 10:11 AM IST

Last UpdatedApr 15, 2022, 10:11 AM IST

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष ज़का अशरफ (Zaka Ashraf) ने हालिया बयान में खुलासा किया है कि 2012 में पाकिस्तान के आखिरी भारत दौरे पर, पीसीबी ने किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए और खिलाड़ियों पर नजर रखने के इरादे से उनकी पत्नियों को भेजा था.

अशरफ ने क्रिकेट पाकिस्तान को बताया, “मेरे समय के दौरान जब हमारी टीम भारत दौरे पर गई थी, मैंने सलाह दी थी कि खिलाड़ियों की पत्नियां उनके साथ होंगी. ये निर्णय इसलिए लिया गया ताकि कोई विवाद ना हो क्योंकि भारतीय मीडिया हमेशा इसकी तलाश में रहता है. पत्नियों का मकसद खिलाड़ियों पर भी नजर रखना था.”

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उन्होंने कहा, “सभी ने इस फैसले को अच्छे तरीके से लिया और भारत चले गए. हर कोई अनुशासित रहा. हर बार जब भी कोई पाकिस्तान टीम भारत का दौरा करती थी, तो उनका देश हमेशा हमें फंसाने और हमारे खिलाड़ियों और देश की छवि खराब करने की कोशिश करता था. इसलिए इससे बचा जाता था.”

साल 2012-13 के इस दौरे के बाद से ना को पाक खिलाड़ी कभी भारत दौरे पर आए और ना ही टीम इंडिया कभी पाकिस्तान गई. अब इन दोनों चिर प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला केवल आईसीसी प्रतियोगिताओं में होता है. हालांकि अशरफ चाहते हैं कि दोनों देश के बोर्ड के बीच के संबंधों को सुधारा जाय.

अशरफ ने कहा, “हमें हमेशा क्रिकेट के संबंध में भारत सरकार के साथ संबंध बहाल करने का प्रयास करना चाहिए. अभी हमारे पास सबसे बड़ा फायदा ये है कि जनरल बाजवा वर्तमान में इस पद पर काबिज हैं और वो खुद पाकिस्तान क्रिकेट को समृद्ध देखना चाहते हैं.”

पूर्व अध्यक्ष ने कहा “उन्होंने हमें एक छोटी सीरीज के लिए आमंत्रित किया और एक बार जब हम वहां गए, तो मैं उस समय बीसीसीआई अध्यक्ष नारायणस्वामी श्रीनिवासन से मिला. उन्होंने पाकिस्तान की धरती पर भारत की भागीदारी का वादा किया, अगर पूर्ण सुरक्षा दी जाती है.”

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