live cricket score, live score, live score cricket, india vs england live, india vs england live score, ind vs england live cricket score, india vs england 3rd test match live, india vs england 3rd test live, cricket live score, cricket score, cricket, live cricket streaming, live cricket video, live cricket, cricket live mohali
26 नवंबर से मोहाली टेस्ट में खेलेंगे पार्थिव पटेल। © Getty Images

मोहाली टेस्ट से पार्थिव पटेल लंबे अरसे के बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे हैं। पटेल ने भारतीय टीम में अपना आखिरी टेस्ट आठ साल पहले खेला था। 2008 में श्रीलंका दौरे पर पार्थिव आखिरी बार भारतीय टेस्ट टीम के लिए कीपरिंग करते नज़र आए थे। चोटिल रिद्धिमान साहा की जगह टीम में शामिल पटेल सौरव गांगुली से लेकर महेंद्र सिंह धोनी तक की कप्तानी में खेल चुके हैं और अब वह विराट कोहली की कप्तानी में मोहाली टेस्ट खेलेंगे। अब जबकि वह 26 नवंबर से एक बार फिर टेस्ट की सफेद जर्सी में नज़र आएंगे तो उन्हें कई ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा जो पहले उन्होंने नहीं देखी होंगी। ये भी पढ़ें: पांच टेस्ट मैच जब 250 से भी ज्यादा रनों से जीती टीम इंडिया

2008 से अब तक कुल 83 टेस्ट मैच मिस कर चुके पार्थिव का कहना है कि वह नंबर्स पर इतना ध्यान नहीं देते। उनका यह विश्वास है कि इस बार अपनी योग्यता को साबित कर पाएंगे। पार्थिव की बात कुछ हद तक सही है क्योंकि कितने ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिन्हें इतने लंबे समय के बाद मौका मिलता है। ऐसे में ध्यान केवल अपने खेल पर होना चाहिए। पार्थिव का यह भी कहना है कि उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर जल्दी खत्म होने की वजह धोनी थे क्योंकि उनसे बेहतर हो पाना मुश्किल था। पार्थिव इस समय हुबली में हैं जहां वह रणजी ट्रॉफी के सातवें राउंड में गुजरात की ओर से मुंबई के खिलाफ खेल रहे हैं। पार्थिव ने टीम में अपने सिलेक्शन के बारें में कहा, “दोबार भारतीय टीम में खेलना एक अच्छी खबर है। आठ साल हो चुके हैं और मैने अब तक फिट रहने के लिए कड़ी मेहनत की है।” पटेल ने आगे कहा, “ऐसा नहीं है कि मुझे लोगों को याद दिलाना पड़े कि मैं केवल 31 साल का हूं। मैंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत पहले पर्दापण किया था लेकिन मैं लगातार घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं।” ये भी पढें: क्या केवल अनुभव के कारण पार्थिव पटेल को दी गई टेस्ट टीम में जगह?

पटेल ने टेस्ट क्रिकेट में डीआरएस के इस्तेमाल पर भी बात की। 2008 में जब भारत श्रीलंका के दौरे पर था तब डीआरएस प्रक्रिया की शुरूआत की गई थी। पार्थिव ने कहा, “हां, मैं यह पहले भी कर चुका हूं। डीआरएस का इस्तेमाल करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। मैं अपने अनुभव का इस्तेमाल कर टीम को पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा।” पार्थिव भले ही काफी निश्चिंत हो डीआरएस को लेकर लेकिन सभी ने देखा है कि एलियेस्टर कुक और विराट कोहली दोनों ने ही डीआरएस लेने में कई बार गलतियां की हैं। वैसे हमें भी पार्थिव के आठ साल बाद टीम में खेलते देखने का इंतजार रहेगा।